BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

मथुरा : बृज के बांकुरों ने लहराया लखनऊ में अपना परचम

मथुरा। जु-जित्सु एसोसिएशन आफ इन्डिया के तत्वावधान मैं लखनऊ मैं सम्पन्न हुई राष्ट्रीय स्तरीय त्रिदिवसीय  जु-जित्सु प्रतियोगिता का हुआ समापन । दिसम्बर तेरह से दिसम्बर पन्द्रह तक होने वाली राष्ट्रीय जु-जित्सु प्रतियोगिता मै देश के  12 प्रदेशों से आये 450 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग लिया , जिसमें मथुरा से 3  खिलाड़ियों ने प्रतिभाग लिया । उत्तरप्रदेश के पुलिस महानिदेशक व्.च् ैप्छळभ् तथा लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया  कार्यक्रम की विशष्ट अतिथि के रुप मैं मौजूद रहे  तथा विभिन्न खेल संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारीगण त्रिदिवसीय कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे । जिसमे मुख्ये संचालक के रूप में
अमित गुप्ता जी, अमित अरोरा जी, और जु-जित्सु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री सुरेश गोपी जी तथा जु-जित्सु  एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव विनय जोशी जी उपस्थित रहे।
लखनऊ मै जु-जित्सु एसोसिएशन आफ इंडिया के संयोजन मै मथुरा के जु-जित्सु खिलाड़ी एकलव्य ने अंडर 10 आयु वर्ग के 32 किलोभार वर्ग में फाइटिंग सिस्टम में प्रथम स्थान तथा नि-वाजा में प्रथम स्थान तथा प्रांजल कुमार अण्डर 12 के 27 किलो वर्ग में फाइटिंग सिस्टम में प्रथम ओर नि-वाजा में तृतीय स्थान तथा यश राज ने अंडर-16 के 55 किलो वर्ग में फाइटिंग सिस्टम में तृतीय स्थान प्राप्त किया और  अपनी कला का उच्च कोटि का प्रदर्शन करते हुए अपने  प्रतिद्वंदियों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान पाकर सोने पर जमाया कब्जा ।  जु-जितसु (नि-वाजा) के खघ्लीफा (कोच )सौनू निषाद व जु-जितसु (फाइटिंग सिस्टम) के खघ्लीफा (कोच ) वेद प्रकाश पांडेय ने तथा फामा अकेडमी के सभी खघ्लीफा ( कोच )सहित सभी प्रशिक्षुओं ने हर्ष अभिव्यक्त करते हुए खघ्ुशी जाहिर की
एकलव्य चैधरी के पिता मन्त्रवीर चैधरी ने कहा कि अब समय बदल चुका है , समाज को खेल के प्रति अपना नजरिया बदलना होगा क्यूँ कि खेल से  सिर्फ खेल जगत ही नहीं अपितु सरकारी व निजी संस्थानों मैं भी  अपना  सुनहरा भविष्य बनाया जा सकता है , किसी भी खेल के प्रशिक्षु के कोच के साथ ही अभिभावकों का योगदान उस प्रशिक्षु को औरों के लिये मिशाल बनने लायक बनाने  के लिये नितान्त आवश्यक है।

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More