देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। समूचे जनपद में आॅटो चालक के खिलाफ पुलिस अभियान चला रही है। आॅटो को थोक के भाव में सीज किया जा रहा है। यहां तक कि आॅटो चालकों को कागजात दिखाने तक का मौका नहीं दिया जा रहा है। समूचे जनपद के सभी सर्किलों में यह अभियान चल रहा है।
कैंट चैराहे से टाउनशिप के बीच चलने वाले लगभग सभी आॅटो को पुलिस ने दो दिन से पुलिस लाइन के पास खडा कराया हुआ है। आॅटो चालकों तभी से अपनी व्यथा सुनाने को आलाधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। जैसे तैसे गुरूवार को एसपी ट्रेफिक तक उनकी पहुंच बनी। एसपी ट्रैफिक से बडी संख्या में जुटे आॅटो चालकों ने आॅटो पकडै जाने की वजह जाननी चाही। इस पर एसपी ट्रैफिक ने आॅटो चालकों को तिराहे चैराहे पर आॅटो खडे नहीं करने की हिदायत दी। बताया जा रहा है कि ट्रैफिक पुलिस को लगातार शिकायत मिल रहीं थीं कि तिराहे चैराहों पर आॅटो बेतरतीव खडे होते हैं। इस पर आॅटो चालकों ने कहाकि नगर निगम उनसे पार्किंग शुल्क वसूल रहा है अगर वह पार्किंग दे तो हम सडक किनारे आॅटो खडे नहीं करेंगे। इस पर एसपी ट्रैफिक ने कहाकि वह आॅटो के कागजात और ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस उनके कार्यालय में दिखा कर अपना आॅटो ले जा सकते हैं। आॅटो चालकों का कहना है कि खुद एसपी ट्रैफिक की बात से यह साबित हो रहा है उन्हें अपने कागजात दिखाने तक का मौका नहीं दिया गया है। वहीं एक आॅटो चालक ने कहाकि जब उन्होंने एसपी ट्रैफिक कार्यालय में कागजात दिखाने के लिए संपर्क किया तो जबाव मिला है कि चालान कर दिया गया है, कोर्ट से चालान छुडालें। आटो चालकों को समझ नहीं आ रही है कि पुलिस के इस अभियान की थीम क्या है ?













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