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ज्‍योतिषीय मान रहे इस सावन के महीने को शुभ

मथुरा। भगवान शिव का प्रिय महीना सावन छह जुलाई से शुरू होगा। इस बार सावन महीने में अद्भुत संयोग बन रहा है। सावन की शुरुआत सोमवार से होगी और समापन भी सोमवार को होगा। खास बात यह है कि अंतिम दिन रक्षाबंधन पर्व भी है।

ज्योतिषाचार्य अजय तैलंग ने कहा कि सावन 6 जुलाई से 3 अगस्त तक रहेगा। सावन में सोमवार का विशेष महत्व रहता है। इस सावन महीने के पहले दिन व अंतिम दिन सोमवार पड़ना शुभ माना जा सकता है। इस सावन में पांच सोमवार के व्रत होंगे। तीन कृष्ण पक्ष व दो शुक्ल पक्ष में होंगे। शिव की पूजा से सभी प्रकार के रोग व बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है। 


इस बार देवशयनी एकादशी एक जुलाई को पड़ रही है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ होगा। मान्यता है कि इस तिथि से श्रीहरि चार मास तक योग निद्रा में लीन रहते हैं। इस बार चातुर्मास की अवधि 148 दिन की रहेगी। 25 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी को श्रीहरि योग निद्रा से जागेंगे। चातुर्मास में सभी मांगलिक कार्यक्रम वर्जित रहेंगे।

पुराणों में वर्णन आता है कि भगवान विष्णु इस दिन से चार महीने तक पाताल लोक में राजा बलि के द्वार पर निवास करते हैं और देवोत्थानी एकादशी पर लौटते हैं। चातुर्मास में सभी प्रकार के शुभ काज और मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं।

सावन महीने में व्रत, त्योहार
10 जुलाई  -  मौनी पंचमी
14 जुलाई  -  मंगला गौरी व्रत 
16 जुलाई  -  एकदाशी 
18 जुलाई  -  प्रदोष 
20 जुलाई  -  हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या 
23 जुलाई  -  हरियाली तीज 
25 जुलाई  -  नाग पंचमी 
3 अगस्त   -  रक्षाबंधन

नारद संवाद

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