देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कान्हा की नगरी में अपराधियों के हौंसलों को पंख लग गये हैं। अपराधियों के माफिया गठजोड़ के हौंसले इतने बुलंद हो गये हैं कि हथियारबंद लोगों ने पीसीएस अधिकारी डिप्टी कलेक्टर को उनके सरकारी आवास पर पहुंच कर जान से मारने की धमकी दे ड़ाली।
इसके बाद सरकारी अमले में हड़कंप की स्थिति है। रात में ही डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने घटनाक्रम से जिलाधिकारी और एसएसपी को अवगत करा दिया था। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पीसीएस अधिकारी और मथुरा में डिप्टी कलेक्टर मथुरा के पद पर तैनात राजीव उपाध्याय को आफीसर्स काॅलोनी डीएम कंपाउण्ड में बी-13 सरकारी बंगला मिला हुआ है। रात करीब साढे नौ बजे फार्चूनर गाड़ी से ड्राइवर सहित पांच व्यक्ति डिप्टी कलेकटर के सरकारी बंगले पर तैनात गार्ड को बुलाकर धमकी देकर चले गये।
डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि रात की 9ः20 की घटना है मेरे आवास के बाहर एक फार्चुनर गाडी रूकी उसमें चार आदमी 315 वोर की राइफल लिए सवार थे, चारों सफेद अंगोंछे का ढाटा बांधे थे, ड्राइवर भी डाटा बांधे था उसके पास भी हथियार थे। बंगले पर तैनात सुरक्षाकर्मी (होमगार्ड) को बुलाकर पूछा कि डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय यहीं रहता है।
होमागार्ड ने स्वाभाविकरूप से कहा कि यहीं रहते हैं। कार में सवार लोगों ने कहा कि यह बहुत सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवा रहा है। इसका समय पूरा हो गया है हम इसका काम तमाम कर देंगे। इसके बाद वह अपनी गाडी को लेकर उपकृषि निदेशक कृषि के कार्यालय की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर चले गये, यह रास्ता आगे यमुना खादर की ओर जाता है। उन्होंने बताया कि रात में ही इस घटना की जानकारी डीएम सर्वज्ञरामि मिश्रा और एसएसपी डा.गौरव ग्रोवर को भी दे दी गई थी। जिलाधिकारी को पत्र भी लिख दिया था। एसएसपी को भी पत्र लिख दिया था।
डीएम ने कहा है कि सुरक्षा का मामला है गनर उपलब्ध करा दिया जाएगा। डिप्टी कलेक्टर ने कहाकि उन्होंने पिछले एक वर्ष चार माह के कार्याकाल में तमाम कब्जे हटवाए हैं। भू माफिया के दर्द हो रहा है। माफिया में हडकंप मचा है। जिसकी करोड़ों की संपत्ति जमदोज हुई होगी उन्हीं में से कोई धमकी देने वाला भी होगा। डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि जिस समय यह वाकया हुआ वह घर के अंदर ही थी, जब तक वह बाहर आये धमकी देने वाले जा चुके थे।
सुरक्षा गार्ड पर एण्ड्रोएड फोन, आवास पर कैमरे नहीं थे
जिस फार्चूनर गाड़ी से बदमाश आये थे उसका नम्बर क्या था यह पता नहीं लग पाया? डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि सुरक्षा गार्ड के पास एण्ड्रोएड फोन नहीं था जिससे वह फोटो खींच पाते दूसरा उनके आवास पर सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं।
डिप्टी कलेक्टर की सख्ती रही है चर्चा में
डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय की सख्ती चर्चा में रही है। शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान भी उनकी सख्ती की चर्चा रही थी। कुछ व्यापारी संगठनों ने डिप्टी कलेक्टर पर कई संगीन आरोप भी लगाये थे। इसके बाद भी उनकी सख्ती बरकरार थी। कोविड-19 नियंत्रण के प्रयासों मे ंभी वह बेहद महत्वपूर्ण भूमिका अदां करते रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ उनकी संख्ती भी सरकारी महकमों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम की ओर से संबंधित थाना पुलिस को एक प्रार्थनापत्र मिला है। जिसमें कहा गया है कि गाड़ी में सवार लोग आये और सुरक्षा गाड़ो बुलाकर धमकी दी। प्रार्थनापत्र पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की तहकीकात की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उदय शंकर सिंह, एसपी सिटी













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