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मथुरा : आक्रोशित किसानों ने घेरा फसल बीमा कंपनी का कार्यालय

मथुरा। फसलों का बीमा करने वाली कंपनी की कार्य प्रणाली से नाराज किसानों ने सोमवार को बीमा कंपनी का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसान बीमा कंपनी की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि चार दिन के अंदर सर्वे करा कर किसानों को मुआवजा देने की जानकारी दे दी जाएगी। इसके बाद किसान कार्यालय से हटे। इस बीच कंपनी के कार्यालय पर अफरा तफरी मची रही।
  ओलावृष्टि, बरसात और आंधी तूफान से किसानों को फसलों में बडा नुकसान हुआ है। सरसों, आलू और गैहंू की फसल को बडे पैमाने पर नुकसान हुआ है। किसान यूनियन, राजनीतिक दल और तमाम संगठन अपने स्तर से किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए आंदोलित हैं। यहां तक कि एक किसान संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ डीएम ने खफा होकर रिपोर्ट तक दर्ज करा दी। अधिकारी लगातार किसानों और किसान सगठनों को आश्वासन दे रहे हैं कि किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा। 45 करोडी की डिमांड शासन को भेजी जा चुकी है। जिला प्रशासन से जो सूचनाएं छन कर आ रही हैं उनके मुताबिकि आलू और सरसों में हुए नुकसान का मुआवजा मिलने जा रहा है। गैहूं उत्पादक किसानों को इससे वंचित रहना पड सकता है।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन ने जिलाध्यक्ष राजकुमार तौमर के नेतृत्व में द न्यू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बीमा कंपनी के कार्यालय पर तालाबंदी की। सोमवार को टोल फ्री नंबर बंद होने व एजेंटों के किसानों से न मिलने से रोष था। भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार तौमर ने बताया कि फसल नुकसान को लेकर किसी किसान को बीमा नहीं मिल रहा इस तरह का प्रचार किसानों के बीच हो रहा है। इसको लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों ने कंपनी के ऑफिस पर तालाबंदी कर विरोध जताया। काफी देर बाद पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बैंक कर्मी और अधिकारी वार्ता के लिए तैयार हुए। कंपनी के मैनेजर ने चार दिन में सभी बीमित किसानों को सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की बात कही। तब किसानों का गुस्सा शांत हुआ और वहां से हटे। करीबन एक घंटे तक कंपनी के कार्यालय को ताला लगाकर किसान धरने पर बैठे रहे। इस दौरान मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह परिहार, जिला महासचिव देवेंद्र सिंह रघुवंशी, मीना चैधरी, जिलाध्यक्ष महिलानप्रकोष्ठ मीना ठाकुर, चुनमुन, मुकेश, गजेंद्र गावर, योगेश, गिर्राज, बहादुर आदि किसान और भाकियू पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

नारद संवाद

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