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जन सहयोग समूह के पत्र पर हुई कार्यवाही

मथुरा। जन सहयोग समूह को जनहित में बडी कामयाबी मिली है। जन सहयोग समूह मथुरा के समन्वयक अजय कुमार अग्रवाल ने अगस्त माह 2020 में कटे-फटे और गंदे नोटों के बदलने को लेकर एक पत्र वित्त मंत्रालय भारत सरकार को लिखा था, जिसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमावली का हवाला देते हुए मांग की गई थी कि प्रत्येक बैंक में कटे- फटे और गंदे नोटों को बदलने की व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे आम जनता को कटे फटे नोटों को बट्टे में बदलने के बजाय बैंक द्वारा निशुल्क बदलने का नियम है।


पत्र को वित्त मंत्रालय सरकार द्वारा गंभीरता से लेते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को नियमानुसार कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है।
जन सहयोग समूह , मथुरा के समन्वयक अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि पत्र में वित्त मंत्री महोदया से निवेदन किया गया था कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर कि गंदे और कटे फटे नोट तथा सिकको के लिए प्रत्येक बैंक में एक काउंटर होना चाहिए ऐसा नोट वापसी नियमावली 2009 कहती है।


परंतु वास्तविकता यह है कि बैंकों की शाखाओं में नोटों का बदलना तो दूर की बात है जरा सी भी चिपकी अगर नोट पर लगी है तो बैंक उस नोट को अपने ग्राहक को वापस कर देती है जबकि नोट वापसी नियमावली 2009 में गंदे नोटों की परिभाषा बिल्कुल स्पष्ट है कि जो भी नोट भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया गया है। उसके अगर एक ही नोट के दो टुकड़े हो गए हैं और दोनों टुकड़े टेपिग द्वारा जोड़ दिए गए हैं तो यह गंदा नोट मानकर बैंक उसे ग्राहक को नोट बदल कर देने हेतु रिजर्व बैंक द्वारा निर्देशित है। परंतु व्यवहार में बैंक ऐसे नोट लेने से इनकार कर देते हैं जबकि नियमावली में साफ है कि बैंक में नोट प्रस्तुत करने वाला व्यक्ति चाहे बैंक का खाता धारक हो अथवा ना हो बैंक को नोट बदलने की सेवाएं प्रदान करनी होगी साथ ही नियमवाली 2009 नोट बदलने के संबंध में बैंकों की शाखाओं में नोटिस बोर्ड लिखना चाहिए कि मुद्रा विनिमय के  बारे में क्या निर्देश है परंतु कहीं भी इसका पालन नहीं हो रहा है और स्थिति यहां तक है कि एटीएम से निकले नोट तक बैंकों की जमा करने वाली मशीन लेने से इंकार कर देती हैं। उस स्थिति में सामान्य नागरिक अपने बेबजह के नुकसान को लेकर चिंतित हो जाता है और मजबूर होकर वह नोट बदलने वाले प्राइवेट एजेंट से कुछ प्रतिशत कमीशन देकर इस कार्य को करता है जो कि बिल्कुल भी न्याय संगत नहीं है ।


जन सहयोग समूह , मथुरा के समन्वयक अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि भारतीय मुद्रा का सम्मान करते हुए उस पर कुछ भी लिखने और गंदा करने से बचना चाहिए इसे तू जनसहयोग समूह मथुरा सोशल मीडिया पर भी लोगों को जागृत करता रहता है माननीय मंत्री जी से निवेदन किया गया था कि बैंकों को नोट नियमावली नोट वापसी नियमावली 2009 का पालन करते हुए आप कड़ाई से निर्देशित करें जिससे देश की जनता को यह सुविधा प्राप्त हो सके।
  वित्त मंत्री को इस कार्य को बैंकों की शाखाओं में लागू कराने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के   आदरणीय जनरल मैनेजर को आदेशित करने के लिये जन सह्ययोग समूह मथुरा, जनहित के इस कार्य हेतु धन्यवाद देता है। शीघ्र ही जन सह्ययोग समूह मथुरा,रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को इस बाबत विस्तृत और वर्तमान जानकारी हेतु पत्र प्रेषित करेगा।

नारद संवाद

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