देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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करौली। जादू-टोने के नाम पर नाबालिग किशोरी को प्रताड़ित करने के दोषी तांत्रिक को अपर जिला सेशन न्यायाधीश ब्रजेश शर्मा ने 9 साल का कारावास व 7 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 23 में भी छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक मिथिलेश पाल ने बताया कि कैलादेवी निवासी पीड़ित ने थाने में मामला दर्ज कराया कि उनकी 16 वर्षीय बेटी रीना के पेट में दर्द हुआ था। उसे उपचार के लिए करौली के रणगवां ताल के पास स्थित देवीजी व हनुमान मंदिर पर उपचार के लिए ले जाया गया। 18 मई 2013 को मंदिर पर पूजा पाठ व तंत्र-मंत्र का काम करने वाले घनश्याम माली ने लड़की की नब्ज देखकर उपचार करने की बात कही और बताया कि लड़की पर भूत-प्रेत का साया है। इसके बाद उपचार के नाम पर तांत्रिक ने लड़की की नाक और मुंह में ज्वलनशील पदार्थ भर दिया और हाथ-पांव बांधकर मुंह में मल भर दिया। इस दौरान किशोरी की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद वे बालिका को करौली, जयपुर व गंगापुर में उपचार कराने ले गए।
साभार-khaskhabar.com













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