देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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अजमेर । सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 805वें सालाना उर्स का झंडा शुक्रवार को ऐतिहासिक बुलंद दरवाजे पर चढ़ा दिया गया। जिसके साथ ही औपचारिक तौर पर उर्स का आगाज हो गया है। अब चांद दिखाई देने पर छह दिवसीय उर्स की शुरुआत 28 मार्च से हो जाएगी। भीलवाड़ा के गौरी परिवार ने लोगों की उर्स की नमाज के बाद दरगाह कमेटी परिसर से जुलूस की शुरुआत की। दरगाह के गरीब नवाज गेस्ट हाउस से जुलूस की शुरुआत होते ही झंडे को चूमने वालों का तांता लग गया। सैंकड़ों लोगों ने अकीदत के साथ झंडे को चूमा। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने कड़ी से कड़ी बनाकर व्यवस्था भी संभाली। झंडे का ये जुलूस दरगाह कमेटी दफ्तर से शुरू होकर लंगरखाना गली, नला बाजार होते हुए निजाम गेट होते हुए दरगाह परिसर में दाखिल हुआ। जिसके बाद गौरी परिवार ने बुलंद दरवाजे पर अपने हाथों से झंडा चढ़ाया। बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने के साथ ही लोगों ने देश में अमन चैन व भाईचारे के लिए दुआएं मांगीे। झंडे की रस्म में दरगाह कमेटी अध्यक्ष शेख अलीम, मेला मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार सेंगवा, अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह और अंजुमन शेखजादगान सहित सैंकड़ों खादिम मौजूद रहे।
साभार-khaskhabar.com













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