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इस्लामाबाद । पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि देश में जासूसी व विध्वंसकारी गतिविधियों के आरोप में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कानून के अनुसार दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई। उनके पास सर्वोच्च न्यायालय में अपील के लिए 40 दिनों का समय है। पाकिस्तान की विदेश नीति मामलों के प्रमुख सरताज अजीज ने जाधव पर एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी पूछा कि ‘एक निर्दोष व्यक्ति’ के पास दो पासपोर्ट कैसे हो सकता है। साथ ही पाकिस्तान ने जाधव पर सात गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अजीज ने जाधव पर लगे आरोपों की सूची को पढक़र सुनाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कथित जासूसी तथा विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में मौत की सजा पाए कुलभूषण जाधव की निम्न विध्वंसक गतिविधियों में सीधी संलिप्तता पाई गई है।
पाकिस्तान ने लगाए ये सात आरोप
1. जाधव ने बलूचिस्तान के ग्वादर तथा तुरबत में आईईडी व ग्रेनेड हमलों को प्रायोजित किया व निर्देश दिया।
2. ग्वादर जिले में जिवानी बंदरगाह के ठीक सामने समुद्र में रडार स्टेशन तथा नागरिक नौकाओं पर हमले का निर्देश दिया।
3. पाकिस्तानी, खासकर बलूचिस्तान के युवाओं को देश में विध्वंसक हमलों के लिए उकसाने के लिए अलगाववादी तथा आतंकवादी तत्वों को हवाला/हुण्डी के माध्यम से वित्तीय मदद दी।
4. बलूचिस्तान के सिबी तथा सुई इलाकों में गैस पाइपलाइनों तथा बिजली के खंभों में विस्फोट को प्रायोजित किया।
5. क्वेटा में 2015 में विस्फोट को प्रायोजित कर बड़े पैमाने पर जान व माल का नुकसान पहुंचाया।
6. क्वेटा में हजार समुदाय के लोगों पर हमला तथा ईरान जा रहे और वहां से आ रहे शिया जायरीनों पर हमलों को प्रायोजित किया।
7. तुरबत, पुंजगुर, ग्वादर, पसनी तथा जिवनी में साल 2014-15 के दौरान सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए देश विरोधी तत्वों को उकसाया।
पहचान दस्तावेज में जाधव ने किया था फर्जी नाम का इस्तेमाल
पाकिस्तान के मुताबिक, मार्च 2016 में गिरफ्तारी के वक्त जाधव के पास दो पासपोर्ट थे, जिनमें एक उसके नाम पर, जबकि दूसरा हुसैन मुबारक पटेल के नाम पर था। उन्होंने पूछा, ‘‘अपने पहचान दस्तावेज में जाधव फर्जी नाम का इस्तेमाल क्यों कर रहा था?’’ अजीज ने इस मुद्दे पर ‘शब्दाडंबरपूर्ण बयानों’ को लेकर भारत को चेताते हुए कहा कि इसका नतीजा केवल दोनों देशों के बीच तनाव में वृद्धि होगी, जो बेकार होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘उसे कानून के अनुसार सजा दी गई। वह पाकिस्तान में विध्वंसकारी गतिविधियों में संलिप्त था और उसके पास दो पासपोर्ट थे, जिसका जवाब भारत नहीं दे रहा।’’ अजीज ने कहा कि पाकिस्तान ने इस साल 23 जनवरी को विशिष्ट जानकारी प्राप्त करने तथा कुछ महत्वपूर्ण गवाहों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत को एक लेटर ऑफ असिस्टेंस लिखा था, जिसका जवाब आज तक नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय पक्ष की ओर से उस खत का कोई जवाब नहीं मिला।’’ उन्होंने कहा कि जाधव को सुनाई गई सजा ‘विश्वसनीय, विशिष्ट सबूत’ पर आधारित है, जो जासूसी तथा पाकिस्तान में विध्वंसक गतिविधियों में उनकी संलिप्तता को साबित करता है। जाधव के भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त होने के भारत के दावे को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इस बात के पुख्ता सबूत देने में नाकामयाब रहा है कि उसका नौसेना का कमांडर बलूचिस्तान में क्या कर रहा था।
जाधव से मिलने पर पाक की 14 बार ‘ना’
अजीज ने कहा कि मामले में सहयोग की कमी तथा पाकिस्तान को कानूनी सहायता से इनकार करने के कारण ही जाधव से भारतीय दूतावास को संपर्क साधने की मंजूरी नहीं दी गई। वहीं, भारत ने कहा है कि उसने पाकिस्तान से जाधव को दूतावास से संपर्क साधने की मंजूरी देने के लिए 13 बार कहा और हर बार उसने इसे खारिज कर दिया। शुक्रवार को 14वां निवेदन खारिज कर दिया गया। सलाहकार ने कहा कि जाधव के कबूलनामे से संबंधित बयान को एक दंडाधिकारी के समक्ष दर्ज कराया गया और उचित नियमों के तहत मुकदमा चलाया गया। उन्होंने कहा कि मुकदमे में उनके बचाव के लिए एक योग्य कानूनी अधिकारी भी उन्हें मुहैया कराया गया।
साभार-khaskhabar.com













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