देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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चंडीगढ़। साल 2005 में असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को गलत तरीके से जमीन आवंटित करने के मामले में सीबीआई ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और एजेएल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी ने सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (2) के साथ 13 (1) (डी) के तहत यह चार्जशीट दायर की है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने गुरुवार को नेशनल हेराल्ड समाचारपत्र के प्रोमटरों को अवैध रूप से जमीन आवंटन करने के एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) मामले में कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ अभियोग चलाने को मंजूरी दे दी थी। राज्य के सतर्कता ब्यूरो ने 26 मई को पंचकूला में एजेएल को जमीन आवंटन में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के लिए हुड्डा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के अधिकारियों और एजेएल के पदाधिकारियों पर वर्ष 2005 में एक प्लॉट के फिर से अवैध आवंटन के आरोप भी लगे हैं। दो बार के मुख्यमंत्री हुड्डा ने राज्यपाल की मंजूरी को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कहा कि एजेएल को प्लॉट आवंटन का फैसला हुडा द्वारा लिया गया था न कि किसी व्यक्ति द्वारा प्लॉट आवंटन के वक्त मुख्यमंत्री हुड्डा ही हुडा के अध्यक्ष थे।
हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को लिखे एक पत्र में इस मामले में एजेएल और हुड्डा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के नेता चौटाला ने अपने पत्र में कहा था कि वह एजेएल के निदेशक व ट्रस्टियों और हुड्डा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार की रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग करते हैं। हुड्डा ने अपने कृत्यों का बचाव करते हुए कहा, ‘उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया और सबकुछ प्रक्रिया के तहत किया गया।
साभार-khaskhabar.com













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