देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच खींचतान होने के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत सरकार को कदम पीछे खींचने की सलाह दे दी है। इसके साथ ही पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भी सलाह देते हुए कहा कि एक स्वतंत्र और स्वायत्त केन्द्रीय बैंक से राष्ट्र को फायदा ही मिलता है। एक बिजनेस टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में रघुराम राजन ने कहा कि भारत सरकार और केन्द्रीय रिजर्व बैंक के बीच मचे संग्राम में जब ही लगाम लग सकती है जब दोनों एक-दूसरे की मंशा और स्वायत्तता का सम्मान कर सकेंगे।
राजन ने आगे बताया कि जहां तक संभव है रिजर्व बैंक की स्वायत्तता को बरकरार रखना देश के लिए है और ऐसा करना देश की परंपरा रही है। उल्लेख है कि मौजूदा गवर्नर उर्जित पटेल ने सितंबर 2016 में रघुराम राजन से केन्द्रीय बैंक की कमान अपने हाथ में ली थी। दोनों के रिश्तों में खटास की प्रमुख कारण वित्तीय फैसलों में रिजर्व बैंक की अधिक भूमिका को माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार केन्द्र सरकार ने 19 नवंबर को होने आरबीआई बोर्ड बैठक में अपना अहम एजेंडा सामने करते हुए बोर्ड में रिजर्व बैंक गवर्नर की भूमिका को कम करने की योजना है।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई
गंभीर, हार्दिक, सहवाग और इरफान पठान ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने यस बैंक को दिया 2,209 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस