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पटना। बिहार में बाढ से मरने वाली की संख्या बढकर अब 418 हो गई है। बाढ से 18 जिलो की एक करोड 67 लाख 19 हजार आबादी प्रभावित हुई है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के बाढ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। अबतक के कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री सुबह 10 बजे पटना एयरपोर्ट पहुचेंगे उसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बिहार के 19 जिलों में आई बाढ का जायजा लेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पूर्णिया जाएंगे। राज्य सरकार मोदी को बाढ से राज्य में हुई भारी क्षति पर सरकार रिपोर्ट सौंपेगी। संभवना जताई जा रही है कि पीएम मोदी हवाई दौरे के बाद बिहार के लिए राहत पैकेज का भी ऐलान करेंगे।
दूसरी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ से उपजे हालात को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की और राहत-बचाव कार्य में और तेजी लाने का आदेश दिया। आपको बता दें कि प्रदेश में बाढ़ से हालात इतने बदतर हो चले हैं कि सिर्फ पिछले 24 घंटे में 50 से ज्यादा लोगों की जान गई है। राज्य में बाढ़ की वजह से मरने वाला का आंकड़ा 300 के पार पहुंच चुका है।
आपको बता दें कि बाढ की वजह से सीमांचल के अररिया में सबसे ज्यादा 71 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कटिहार में 26, किशनगंज में 11, सुपौल और मधेपुरा में 13-13 जबकि पूर्णियां में 9 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं सीतमढ़ी में 31, पश्चिमी चंपारण में 29, पूर्वी चंपारण में 19, दरभंगा में 19, मधुबनी में 22 और शिवहर में 4 लोग बाढ़ की वजह से काल के गाल में समा चुके हैं।अधिकारियों का कहना है, बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी से घिरे 7.34 लाख से ज्यादा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में 1,346 राहत शिविर खोले गए हैं, जिसमें करीब 4.22 लाख से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं। 1,879 सामुदायिक रसोई खोली गई है, जिसमें लोगों को लंगर की तरह खाना खिलाया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, प्रभावित जिलों में लगातार सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) की टीम लगी हुई है। इन 18 जिलों में एनडीआरएफ की 28 टीम के 1,152 जवान अपनी 118 नौकाओं और एसडीआरएफ की 16 टीम के 446 जवान अपनी 92 नौकाओं तथा सेना के 630 जवान एवं 70 नौकाओं के साथ राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
साभार-khaskhabar.com













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