देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
जयपुर । राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनते ही और मुख्यमंत्री पद संभालते ही एआईसीसी के संगठन महासचिव का पद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छोड़ दिया है। पद छोड़ने के लिए गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी अनुमति ले ली है। हालांकि कांग्रेस पार्टी संगठन महासचिव के लिए चेहरा तलाश रही है। अब नए साल में कांग्रेस को नया संगठन महासचिव मिल जाएगा। लेकिन सवाल यह उठने लगा है कि एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर चलने वाली कांग्रेस पार्टी में क्या डिप्टी सीएम सचिन पायलट अपने पीसीसी चीफ का पद छोड़ेंगे या दोनों ही पदों पर बने रहेंगे।
वहीं इस बार गहलोत मंत्रिमंडल में इस बार 12 मंत्री ऐसे है जो प्रदेश कांग्रेस में पदाधिकारी भी है। लेकिन यह भी सवाल उठने लगा है कि क्या यह मंत्री खुद का संगठन का पद छोड़ेंगे या नहीं।
लेकिन जब डॉ सीपी जोशी प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तो उन्होंने केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पीसीसी चीफ का पद छोड़ दिया था, इसके बाद डॉ. चंद्रभान को पीसीसी चीफ बनाया गया था। इसी तरह अब सवाल उठने लगा है कि पीसीसी चीफ सचिन पायलट अब डिप्टी सीएम बन गए है और डिप्टी सीएम बनने के बाद ज्यादा जिम्मेदारी सरकार चलाने को लेकर है। तो क्या पायलट कांग्रेस पार्टी के एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत का पालन करेंगे। यह आने वाला वक्त बतायेगा। लेकिन सूत्रों के मुताबिक अब तक कोई भी वरिष्ठ पदाधिकारी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान अभी लोकसभा चुनाव तक इस मुद्दे पर कोई भी फैसला नहीं लेगा। लेकिन लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही सामाजिक समीकरण साधने के लिए कांग्रेस आलाकमान कोई भी फैसला ले सकता है।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
सीएम अशोक गहलोत ने किया होलिका दहन, प्रदेश में सुख समृद्धि की कामना की
गहलोत अपनी सरकार के कार्यकाल का आखिरी बजट 10 फरवरी को पेश करेंगे
विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने जुटाई जानकारी