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सडक पर उतरे हजारों किसान

कलक्ट्रेट की ओर बढता किसानों का रेलामथुरा। मथुरा में सिंचाई विभाग में हुए करोडों के घोटाले और आवारा पशुओं का मुद्दा गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गुरुवार को करीब चार से पांच हजार किसानों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। इन किसानों ने गोकुल बैराज से लेकर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। किसानों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। 
इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो कलक्ट्रेट में पशु बांध दिए जाएंगे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। 
बल्देव, राया, मांट, सुरीर, नौहझील, बाजना, टैंटीगांव समेत कई इलाकों के हजारों किसान सुबह सबसे पहले गोकुल बैराज पर एकत्र हुए। यहां से इन किसानों ने कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर लिया। 
इससे पहले गोकुल बैराज पर ही किसानों को रोकने का प्रयास किया गया, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के बजह से गोकुल बैराज पर बडी संख्या में पुलिस बल किसानों के पहुंुचने से पहले ही मौजूद था। यहां एसडीएम सदर और एसडीएम महावन तथा दोनों पुलिस क्षेत्र्ााधिकारी किसानों से वार्ता करने के लिए पहुंचे, लेकिन कोई बात नहीं बनी। लम्बी बातचीत के बाद दोपहर करीब एक बजे किसानों ने पूर्व निर्धारित कार्यकम के तहत कलक्ट्रेट की ओर पैदल कूंच किया। इस दौरान भी भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। कलक्ट्रेट से ठीक पहले सीएमओ आॅफिस के पास एक बार फिर किसानों को रोकने की कोषिष की गई। यहां प्रषासन ने पहले से बैरीकेडिंग कर रखी थी। किसानों के दबाव को देखते हुए बैरीकेडिंग हटा दी गईं। कलक्ट्रेट आॅफिस को जोन वाले रास्ते के मेनगेट को भी बंद कर दिया गया था। गेटबंद देख कर किसान और भडक गये। प्रषासन को चेतावनी दे डाली कि पांच मिनट में गेट नहीं खोला गया तो सभी किसान गेट उखाड कर अंदर प्रवेष करेंगे। किसानों के दबाव और तेवर देखते हुए प्रषासन ने किसी तरह का रिस्क लेना उचित नहीं समझा और गेट खोल दिया गया। 
डीएम आॅफिस पर किसान जम गये। किसानों का दबाव लगातार बढता जा रहा था, इससे देखते हुए प्रषासन की ओर से एडीएम प्रषासन रविंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, एसडीएम सदर, एसडीएम महावन, एसडीएम आदि ने किसानों से वार्ता की। वार्ता में तय हुआ कि एक प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिल कर अपनी बात रखे। भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार तैमर ने साफ कर दिया कि डीएम किसानों के बीच आएं, प्रतिनिधि मंडल उनसे मिलने नहीं जाएगी। करीब 15 मिनट बाद जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र किसानों के बीच पहुंचे और उनकी बात सुनीं। जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास का आष्वासन दिया।  
 
लम्बे समय बाद देखी कलक्ट्रेट ने इतनी भीड कलक्ट्रेट पर लम्बे समय बाद किसी आंदोलन में इतनी भीड दिखी।
 
ये भी पहुंचे आंदोलन में पूर्व विधायक कांग्रेस प्रदीप माथुर, सिंचाई बंधु उपाध्यक्ष सुधीर रावत, रालोद नेता योगेष नौहवर, ब्लाक प्रमुख बल्देव राजपाल भरंगर, चरत प्रताप, चैधरी जुगेन्द्र सिंह, दलवीर विद्रोही, जयपाल छौंकर, संतोष पहलवान, विक्की मधुर, देवेन्द्र रघुवंषी, रोहताष, अजय सरपंच, करूआ सिंह,  आमआदमी पार्टी के प्रतिनिधि भी किसानों का साथ देने पहुंचे।  
 

नारद संवाद

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