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जयपुर । पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का गुणगान करने वाली व्यक्ति विशेष को बढ़ावा देने जैसे सभी योजनाएं गहलोत सरकार बंद करने जा रही है। माना जा रहा है चाहे अन्नपूर्णा भंडार हो, या मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना, या वसुंधरा राजे एप, या भामाशाह कार्ड योजना। इन योजनाओं मेें अधिकतर में पूर्व सीएम राजे का गुणागान किया गया है। चाहे आईटी डिपार्टमेंट हो, या खाद्य विभाग हो, या अन्य विभाग, सभी विभागों में मैराथन बैठकों का दौर जारी है। इन विभागों के पास कांग्रेस का घोषणा पत्र पहुंच चुका है और घोषणा पत्र के हिसाब से योजनाओं का प्लान बनाने के निर्देश दिए गए है।
सूत्रों के मुताबिक भामाशाह योजना का स्वरूप बदला जा सकता है। पहले जैसे हर योजना का लाभ लेने के लिए भामाशाह कार्ड जरूरी होता था, अब इस कार्य की अनिवार्यता खत्म करने का कदम गहलोत सरकार उठा सकती है। इसके अलावा आईटी डिपार्टमेंट ने ई-सखी, वसुंधरा राजे एप आदि बनाए थे। इन एप को भी बदला जा रहा है। इसके अलावा अन्नपूर्णा भंडार का टेंडर सितंबर 2018 में ही खत्म हो चुका था और एक ही ठेकेदार द्वारा इन भंडारों को सप्लाई की जा रही थी। अब नई सरकार अन्नपूर्णा भंडार के भविष्य पर फैसला लेगी। इसी तरह मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना को लेकर भी गहलोत सरकार जल्द कोई फैसला लेगी । अन्नपूर्णा वैन योजना को भी बंद किया जा सकता है।
अधिकारिक सूत्रों की माने तो व्यक्ति विशेष को बढ़ावा देने वाली सभी योजनाएं बंद होगी, लेकिन जो योजनाएं जनहित से जुड़ी है और योजना में व्यक्ति विशेष की कोई ब्राडिंग नहीं जा रही है, वह योजनाएं चलती रहेगी, यह जरूर है कि इन योजनाओं का स्वरूप बदला जा सकता है।।
साभार-khaskhabar.com













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