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मथुरा। गोवर्धन में हैलीपेड निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। गोवर्धन में पर्यटन विभाग द्वारा बनावाए जा रहे हैलीपोर्ट का निर्माण कार्य नागरिक उड्डयन विभाग की अनापत्ति के इंतजार में अटका पड़ा था। लेकिन अब इसके निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को इनकी अनापत्ति नहीं लेनी होगी। इससे हैलीपोर्ट के निर्माण कार्य में अब गति आएगी। मार्च में गोवर्धन में हैलीपोर्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। इसके लिए जून में गांव पैंठा और आन्यौर के बीच करीब 5 हैक्टेयर भूमि चयनित कर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। अभियंताओं ने इसके निर्माण का करीब 5 करोड़ रुपये की लागत का स्टीमेट और लेआउट प्लान भी अक्तूबर में बना लिया, लेकिन कार्य शुरु करने से पहले पीडब्ल्यूडी को इसके लिए नागरिक उड्डयन विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र का इंतजार था। इसके लिए यहां नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों को दौरा भी करना था। महीनों बाद भी उनका यहां न तो दौरा हो सका और न ही अनापत्ति मिल सकी। इसके लिए अब पर्यटन विभाग ने नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों के साथ लखनऊ स्तर पर ही वार्ता कर इसका हल निकाल लिया है। पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने ही इसके लेआउट प्लान का अनुमोदन कर दिया है। अब पीडब्ल्यूडी को उड्डयन विभाग की अनापत्ति की आवश्यकता नहीं होगी। इससे हैलीपोर्ट के निर्माण में तेजी आएगी













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