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नई दिल्ली। राफेल विमान सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को बड़ी राहत मिली है। फ्रांस से 36 राफेल विमान की खरीद पर क्लीन चिट मिलने के बाद केंद्र सरकार ने कांग्रेस और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए देश से माफी मांगने के लिए कहा है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि राफेल की जांच के लिए जेपीसी सही मंच है और वही जांच कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट में जांच संभव नहीं है।
रणदीप सुरजेवाला -
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए संसद की JPC की ही सही मंच है। उन्होंने कहा, राफेल मामले पर जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट सही मंच नहीं है। हम SC के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन इस मामले पर सच तभी सामने आएगा जब इस मामले की जांच जेपीसी करेगी।
रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से बात करते हुए कहा, राफेल सौदे का मामला अनुच्छेद 132 और 32 से जुड़ा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट विमान के मूल्य और सौदे की प्रकिया से जुड़ी संवेदनशील रक्षा अनुबंध पर फैसला नहीं दे सकता। इस मामले की सिर्फ जेपीसी से जांच कराई जा सकती है।
शशि थरूर -
बीजेपी की मांग पर शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी के माफी मांगने का कोई प्रश्न ही नहीं है। जनता के पैसे की संरक्षक संसद है और राफेल घोटाले पर जेपीसी में चर्चा होनी चाहिए।
मल्लिकार्जुन खडग़े
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने भी कहा कि राफेल पर माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता।
साभार-khaskhabar.com













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