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मथुरा। तहसीलदार सदर उमेश चंद्र यादव की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तहसीलदार कोर्ट का न्यायिक कार्य छिनने के बाद अब उनके खिलाफ एडीएम वित्त ने आरटीआई के तहत सूचना उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने पर कार्यवाही करने की संस्तुति डीएम से की है।
आगामी आठ दिसम्बर को जन सूचना आयुक्त गजेन्द्र यादव के जनपद दौरे के दृष्टिगत आज एडीएम वित्त रवीन्द्र कुमार ने सदर तहसील का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जन सूचना से संबंधित पत्रावलियों को देखा तो तहसील में भारी लापरवाही सामने आई। सूचना से संबंधित रजिस्टर आधे अधूरे मिले। यहां शिकायतों का निस्तारण निर्धारित प्रारूप् पर होता नहीं मिला। संबंधित पटलों का जायजा लेते हुए नोडल अधिकारी जन सूचना तहसीलदार के अलावा संबंधित पटल की लिपिक पूजा गोयल व तृप्ति कुमार को दोषी पाया। उल्लेखनीय रहे कि तहसीलदार सदर पर खिलाफ अधिवक्ताओं द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए आंदोलन किया था। जिसके चलते जिलाधिकारी ने इनके न्यायिक कार्य छीन कर तहसीलदार महावन को दे दिए है।
वहीं वकीलों की हड़ताल के दौरान करीब 77 केसों का निपटारा किया था। जिससे अधिवक्ता काफी नाराज थे। जिलाधिकारी द्वारा इनके न्यायिक कार्य तहसीलदार महावन को व निपटाए गई फाइलों की पुनः जांच करने के आदेश एडीएम रवीन्द्र कुमार को दिए। एडीएम ने आज तहसीलदार से संबंधित मामलों की जांच उनके आफिस में पहुंचकर प्रारंभ कर दी है।













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