देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। गोवर्धन में एनजीटी के आदेष पर चलाये जा रहे ध्वस्तीकरण अभियान के विरोध में आंदोलन थम नहीं रहा है। जबकि जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र साफ कर चुके हैं कि गोवर्धन पर्वत को बचाने के लिए ही अभियान चलाया जा रहा है, एनजीटी का आदेष है जिनका पालन अनिवार्य है।
गोवर्धन में एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश पर धर्म स्थल तोड़े जाने का विरोध लगातार जारी है। प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे सेवायतों के समर्थन में अब अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा भी उतर आई है।
देशभर से मथुरा में जुटे 73 तीर्थों के पुरोहितों ने सोमवार को गोवर्धन के दानघाटी मंदिर परिसर में बैठक की। इसमें मंदिरों के सेवायत भी शामिल हुए। बैठक में तीर्थ पुरोहितों ने आरती स्थल तोड़े जाने पर कड़ी विरोध जाहिर किया।
दानघाटी मंदिर का आरती स्थल तोड़े जाने के विरोध में तीर्थ पुरोहितों ने राधाकुंड परिक्रमा मार्ग पर हरगोकुल मंदिर से पैदल यात्रा निकाली, जो मुकुट मुखार बिंदु मानसी गंगा होती हुई दानघाटी मंदिर पहुंची। इस दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दानघाटी मंदिर के सामने एकत्र होकर पुरोहितों ने चेतावनी दी कि हिंदुओं की आस्था से जुड़े धर्म स्थलों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि आगे से किसी भी धर्म स्थल को तोड़ने नहीं दिया जाएगा।













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