देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। दावा शहर को साफ और स्वच्छ बनाने का है और हकीकत ये है कि सीवर के काम के लिए नगर निगम को नौ माह से ठेकेदार ही नहीं मिल रहा है। मंदिर के निकट गंदगी फैल रही है, श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही है, वार्ड के लोग परेशान है लेकिन भाजपा पार्षद मीरा मित्तल को भी इस बात से कोई सरोकार नहीं है।
ये मामला नगर निगम के वार्ड 54 का है। करीब एक साल पहले यहां चिंताहरण महादेव मंदिर के निकट सीवर के मेन हाॅल में सांड़ के गिरने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। तब निगम की ओर से अधिकारियों ने सांड़ को बमुश्किल बाहर निकलवाया। यहां समस्या सीवर के चोक होने की थी। इस पर एक जागरूक नागरिक और परिवर्तन संस्था के वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता रामगोपाल ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। निगम के अवर अभियंता ने 16 फरवरी 2018 को उक्त कार्य का दो लाख 47 हजार 600 रूपए का एस्टीमेट भी तैयार कर दिया। अब मजेदार बात ये है निगम को जनहित के इस कार्य को कराने के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा है। ये बात नगर निगम के सूचना अधिकारी संयुक्त नगर आयुक्त ने आरटीआई में कही है।













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