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गिरिराज पर्वत के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना पर मंथन

गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में गिरिराज जी के सरंक्षण एवं सौंदर्यीकरण को लेकर कार्य योजना पर विचार विमर्श करते अधिकारी। मथुरा। गोवर्धन मा. एनजीटी न्यायालय द्वारा गिरिराज पर्वत को हेरिटेन बनाने के दिशा-निर्देश के बाद प्रशासन तलहटी के सरंक्षण एवं सौदर्यीकरण के कार्य में जुट गया है। फिलहाल ब्रज तीर्थ विकास परिषद गिरिराज जी के चारों ओर लगने वाली जाली के लिए एनजीटी न्यायालय से अनुमति लेगा। विकास प्राधिकरण की ओर से गिरिराज जी के पर्वत को सरंक्षित करना है। मा. एनजीटी न्यायालय ने 17 बिन्दुओं के अनुपालन में प्राचीन गिरिराज पर्वत को हरिटेज घोषित करने को कहा है। न्यायालय का कहना है कि गिरिराज जी का इतिहास हजारों साल पुराना है। यहां करोडों भक्तों की आस्था है। गिरिराज जी का क्षेत्र सुंदर व सरंक्षित हो और यहां आने वाले भक्तों को सुविधाएं दी जाएं। आगामी 11 अक्टूबर को एनजीटी मंें न्यायालय को जबाव दाखिल करना है। गिरिराज जी के सरंक्षण एवं सौदर्यीकरण की कार्य योजना के लिए डीएफओ वनविभाग अरविंद कुमार, एसडीएम गोवर्धन नागेन्द्र सिंह ने आर्किटैक्ट मयंक गर्ग, एनजीटी में प्रशासन के अधिवक्ता अमित तिवारी आदि ने भौतिक सत्यापन के साथ विचार-विमर्श किया। एसडीएम गोवर्धन नागेन्द्र सिंह ने बताया कि गिरिराज जी की तलहटी में एनजीटी न्यायालय के अनुपालन में ही कार्य कराये जाएंगे। फिलहाल गिर्राज पर्वत के सरंक्षण के लिए अनुमति मिलने के बाद जाली लगाई जाएंगी। वनविभाग के सहयोग से वृहद वृक्षारोपण किया गया है। विकास प्राधिकरण भी अपने कामों में लगा है। परिक्रमा मार्ग में उचित पेयजल, सीसीटीवी कैमरा, साउंड सिस्टम, विश्रामालय आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस अवसर पर एमबीडीए कौशलेन्द्र चैधरी, इंजीनियर मयंक गर्ग, वनविभाग के अधिकारी थे। 

 

 

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