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नई दिल्ली। दिल्ली के एक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो ग्युटेरेस से यूएनईपी चैंपियंस ऑफ द अर्थ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री को ये सम्मान राजधानी दिल्ली में प्रवासी भारतीय केंद्र में एक कार्यक्रम में दिया है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारतीय हमेशा प्रकृति को मां के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि यह मेरा नहीं भारत के आदिवासी, किसान और मछुआरों का सम्मान है। इन सभी के लिए भी जीवन प्रकृति के अनुसार ही चलता हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत की नारी का सम्मान है, जो पौधों का ध्यान रखती हैं।
मोदी ने कहा कि क्लाइमेेट की चिंता जब तक संस्कृति से नहीं होगी, इस समस्या को खत्म करना मुश्किल होगा। हमने प्रकृति को सजीव माना गया है। पर्यावरण के प्रति भारत की संवेदना को विश्व स्वीकार कर रहा है, यह संस्कृति हजारों सालों से हमारी जीवन शैली का हिस्सा बने हुए हैं।
मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया के उन देशों में है जहां सबसे तेज़ गति से शहरीकरण हो रहा है। जलवायु और आपदा सीधे संस्कृति से सम्बंधित हैं, यदि जलवायु संस्कृति का केंद्र नहीं है तो आपदा को रोका नहीं जा सकता है। जब मैं सबका साथ कहता हूं, तो इसमें प्रकृति भी शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा ये पुरस्कार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो को भी दिया गया है। कुछ दिनों पहले ही इस अवॉर्ड का ऐलान किया गया था।
साभार-khaskhabar.com













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