देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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वृन्दावन(जहीर आलम)। मथुरा मार्ग स्थित आर के मिशन सेवाश्रम अस्पताल में एक बच्ची लावारिश अवस्था मे बुखार मे तपती हुई मिली। बच्ची की हालत इतनी नाजुक थी कि उसे कई दिन आईसीयू में रखा गया। आठ दिन उपचार के बाद बच्ची के स्वस्थ होने पर समाज सेविका लक्ष्मी गौतम व अस्पताल के कमर्चारी विजय उसे थाने लेकर पहुंचे। जहां कागजी कार्यवाही के बाद बच्ची को बाल कल्याण समिति भेज दिया गया। तीर्थ नगरी वृंदावन मे साक्षात भगवान वास है। यहाँ कण कण में भगवान वास करते हैं। इसीलिए यहाँ लोग अपने माता पिता और बच्चों को भगवान भरोशे छोड़कर चले जाते रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला आठ दिन पूर्व मथुरा वृन्दावन मार्ग स्थित आर के मिशन अस्पताल में देखने को मिला। जहां एक 10 वर्षीय मूक बधिर बच्ची को उसके परिजन भगवान भरोसे छोड़ कर चले गए। बच्ची दर्द से कराहती और बुखार से तप की हुई ब्रैंच पर लेटी हुई पड़ी मिली। काफी देर लावारिस अवस्था में पड़ी बच्ची को देखकर अस्पताल प्रबंधन ने उसे उपचार शुरू कराया। जिसके बाद बच्ची की सूचना पुलिस व समाजसेविका लक्ष्मी गौतम को दी गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने पूरी सेवा भाव के साथ बच्ची का उपचार कराया। वही लक्ष्मी गौतम ने भी बच्ची को अपनेपन का एहसास कराया । बुधवार को बच्ची के स्वस्थ होने पर अस्पताल प्रबंधन ने समाजसेविका को सूचना दी। जिसके बाद अस्पताल के कर्मचारी और समाज सेविका दोनों ही बच्ची को साथ लेकर कोतवाली पहुंचे। जहां पुलिस कार्रवाई के बाद बच्ची को बाल कल्याण समिति भेज दिया गया। इस संबंध में अस्पताल कर्मचारी विजय ने बताया कि बच्ची को 8 दिन पूर्व एक वृद्ध बच्ची लावारिश अवस्था मे मिली। सीसीटीवी के अनुसार वृद्ध व्यक्ति बच्ची को यहाँ छोड़ कर चला गया। वही सेविका लक्ष्मी गौतम ने बताया कि यह बच्ची सुनने और बोलने में पूरी तरह असमर्थ है। जिसे अब बाल कल्याण समिति भेजा जा रहा है.













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