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नई दिल्ली। केरल में बाढ से मची तबाही के बाद रविवार से बारिश कम होने की वजह से थोडी राहत मिली है। इससे बचाव दल को ज्यादा दिक्कतें नहीं आएंगी। लेकिन दूसरी समस्या उत्पन्न होने का खतरा पैदा हो गया है। केरल में बाढ़ पीडि़तों के लिए 5,645 राहत शिविर आयोजित किए गए हैं। बाढ़ ने अब तक 370 लोगों की जिंदगियां ले चुकी है। वहीं केंद्रीय मंत्री के. जे. अल्फॉन्स का कहना है कि अभी भी लगभग 10 लाख लोग राहत कैंप में आश्रय ले रखा है। प्रभावित जिलों में जिलाधिकारी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इस मुसीबत के समय में मछुआरे सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे हैं। बचाव अभियान के दौरान उन्होंने अपनी करीब 600 बोट सहायता के लिए दी है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के.जे. एलफॉन्स ने बताया कि बाढ़ के कारण किसी भी घर में बिजली नहीं आ रही है, ना ही किसी और तरह की सुविधाएं हैं। अभी सबसे ज्यादा वहां पर इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, कारपेंटर की जरूरत है, अभी वहां खाना और कपड़े की जरूरत नहीं है। केरल में कुछ दिनों बाद विमान सेवा प्रारंभ कर दी है।
कोच्चि एयरपोर्ट बाढ़ के पानी की वजह से पूरी तरह पानी के हवाले हो गया था। इसके बाद नेवल एयर स्टेशन पर विमान सेवा को शुरू कर दिया गया है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि केंद्र की ओर से केरल को पूरी सहायता की जा रही है। राज्य में करीब 3757 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इसमें 90 किस्म की दवाइयां भेजी जा रही हैं, उन्होंने कहा कि महामारी ना फैले उसकी पूरी तैयारी कर चुके हैं। सारे जिलों में जारी किया गया रेड अलर्ट वापस ले लिया गया है। मौसम विभाग ने चार दिनों तक कोई भारी बारिश नहीं होने का दावा किया है।
साभार-khaskhabar.com













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