BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

तीन तलाक के लिए सदन का मानसून सत्र सोमवार तक बढ़ाया

तीन तलाक के लिए सदन का मानसून सत्र सोमवार तक बढ़ायानई दिल्ली। राज्य सभा में शुक्रवार को तीन तलाक विधेयक को लेकर जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने इस बिल के प्रावधानों का विरोध कर जमकर हंगामा किया। तीन तलाक विधेयक को लेकर संसद का मानसून सत्र सोमवार तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

मुस्लिम महिलाएं (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2017 पिछले दिसंबर में लोकसभा में पारित किया गया था, लेकिन सरकार इसे राज्यसभा में पास नहीं करा पाई थी। 

तीन तलाक बिल पर यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने कहा कि हमारी पार्टी की स्थिति बिल को लेकर एकदम साफ है। मैं इस बारे में और कुछ अभी नहीं कहना चाहूंगी। वहीं भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा में तीन तलाक बिल को लेकर रणनीति बनाने के लिए बैठक बुलाई, जिसमें केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, मुख्‍तार अब्‍बास नकवी और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार शामिल हुए। 

सरकार ने इस कदम से इन चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है कि तीन तलाक की परंपरा को अवैध घोषित करने तथा पति को तीन साल तक की सजा देने वाले इस प्रस्तावित कानून का दुरुपयोग किया जा सकता है।

विधेयक के अनुसार, मुआवजे की राशि मजिस्ट्रेट द्वारा तय की जाएगी। एक अन्य संशोधन यह स्पष्ट करता है कि पुलिस केवल तब प्राथमिकी दर्ज करेगी जब पीडि़त पत्नी, उसके किसी करीबी संबंधी या शादी के बाद उसके रिश्तेदार बने किसी व्यक्ति द्वारा पुलिस से गुहार लगाई जाती है। तीसरा संशोधन तीन तलाक के अपराध को ‘समझौते के योग्य’ बनाता है। अब मजिस्ट्रेट पति और उसकी पत्नी के बीच विवाद सुलझाने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। समझौते के योग्य अपराध में दोनों पक्षों के पास मामले को वापस लेने की आजादी होती है।

केन्द्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को ‘मुस्लिम विवाह महिला अधिकार संरक्षण विधेयक’ में तीन संशोधनों को मंजूरी दी है। इस विधेयक को लोकसभा द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है और यह राज्यसभा में लंबित है। प्रस्तावित कानून में तीन तलाक का अपराध गैरजमानती बना रहेगा। सरकार ने प्रस्तावित कानून में आरोपी को सुनवाई से पहले जमानत जैसे कुछ संरक्षणात्मक प्रावधानों को मंजूरी दे दी थी।

 

साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More