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मथुरा(सतपाल सिंह)। यमुना का जल स्तर मंगलवार को चेतावनी स्तर 166 मीटर को पार कर चुका है। अब यमुना जल तेजी के साथ खतरे के निशान के ऊपर आई। डीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया है। वहीं एडीएम ने जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर लेने की बात कही है।
विदित रहे कि मंगलवार को यमुना में ओखला से 57 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इधर यमुना का जल जयसिंहपुरा सहित कई कालोनियों में घुस गया। बाढ़ की आशंका ने 50 हजार से अधिक लोगों की नींद उड़ा दी है। वृन्दावन में कालीदह घाट, पानी घाट, दुर्गापुरम, यमुनानगर कालोनी, मोहिनी नगर कालोनी सहित कई इलाके बाढ़ की चपेट में है।
यमुना नदी में लगातार बढ़ते जल स्तर ने प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर बल ला दिए हैं अब तक हजारों बीघा फसले जलमग्न हो चुकी है। बुधवार की सायं चार बजे तक ओखला बैराज से 43 हजार 492 क्यूसेक ताजे वाला से पांच हजार 219 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अब गोकुल बैराज से 69029 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बैराज से आगरा के लिए डिस्चार्ज किए जाने वाले पानी को बढ़ा दिया गया है। वहीं डीएम सर्वज्ञराम कृषि, सिंचाई विभाग के अधिकारियों, एसडीएम सदर क्रांति शेखर सहित पूरे अमले के साथ जल प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस संबंध ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जहां जहां पानी भर चुका है वे अपने स्थानों से सुरक्षित जगह पहुंच जाए। अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। प्रशासन हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। वहीं इस संबंध में एडीएम वित्त एवं राजस्व रविन्द्र कुमार ने बताया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है प्रशासन ने 148 प्राइवेट नाव, 23 बाढ़ सहायता शिविर, 33 बाढ़ चौकी, 10 पशु सहायता शिविर के अलावा एक दर्जन गोताखोरों को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। सूत्रों का कहना है कि गुरूवार की सायं तक संभवतः यमुनाजल में काफी बढ़ोत्तरी हो सकती है।













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