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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर दी है। इसके बाद रेपो दर 6.5 फीसदी हो गई है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव लोन महंगा हो जाएगा।
आरबीआई ने एक बयान में कहा है कि बुधवार को हुई बैठक में वर्तमान और उभरती आर्थिक स्थिति के आकलन के आधार पर, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने तरलता समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत नीतिगत रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि की है।
इससे रेपो दर 6.5 फीसदी हो गई है। बयान में आगे कहा गया है कि इसके प्रभाव से एलएएफ के अंतर्गत रिवर्स रेपो दर 6.25 फीसदी हो गई है और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) दर और बैंक दर 6.75 फीसदी हो गई है।
बैठक में जताया गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी। जुलाई-सितंबर तिमाही में महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहेगी और जुलाई-दिसंबर छमाही में 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
साभार-khaskhabar.com













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