देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा(सतपाल सिंह)। गुरू पूर्णिमा पर्व पर इंद्र देव की मेहरबानी इतनी हुई कि बीते 72 घंटों में बरसात ने तबाही का मंजर दिखा डाला है। बरसात ने रिकॉर्ड तोड़ कर रख डाला। ये सीजन की सबसे अधिक बरसात है। जलभराव का हाल ये है कि शहर जगह-जगह टापू में बदल गया। प्रमुख मार्गो पर जलभराव के चलते आवागमन ठप्प है और हाइवे पर वाहनों की लंबी कतार लगी है।
गुरू पूर्णिमा पर्व के समापन अवसर पर देश से लाखों श्रद्धालु मथुरा और फिर गोवर्धन पहुंचे तथा उमस भरे इस मौसम में इंद्रदेव ने खूब मेहरबानी की। बरसात ने मौसम को सुहावना बना दिया। लेकिन निगम के कार्यो की कलई खुलकर सामने आ गई। बाहरी कालोनियों से शहर में प्रवेश के प्रमुख मार्ग भूतेश्वर, नया बस स्टैंड और पुराने बस स्टैंड सहित बीएसए कालेज रोड, कृष्णा नगर, होली गेट, डीगगेट, छत्ता बाजार, मथुरा आगरा रोड सहित अधिकांश मार्ग और पॉश कालोनियों में जल भर गया। लोगों के घरों मकानों में पानी भर जाने से खासा नुकसान हुआ। शहर के मार्गो पर जाम लगने के बाद वाहन हाइवे की ओर मुड़ गए ऐसे में हाइवे पर भी वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसके अलावा गोवर्धन, कोसीकलां, छाता, नौहझील, बलदेव, राया, फरह आदि क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने लगा। वहीं रास्तों में ज गह जगह जल भराव होने से राहगीर परेशान रहे। जिले के अधिकांश कार्यालयों में जल भराव देखने को मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मंडी समिति कार्यालयों में चारों तरफ पानी भरा हुआ था। शहर के कई कालेज व स्कूल भी जल मग्न दिखाई दिए। यमुना का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।













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