देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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महाराष्ट्र में आरक्षण के लिए मराठा संगठनों का आंदोलन ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। आंदोलनकारियों ने आज बंद का आह्वान किया है। सोमवार को एक युवक ने औरंबाद में नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। इन लोगों की मांग सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की है। आंदोलनकारियों ने आज कई जगहों पर गाडिय़ों में तोडफ़ोड़ की और फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
2 ने की सुसाइड की कोशिश
महाराष्ट्र में मंगलवार को भी 2 लोगों ने आत्महत्या करने का प्रयास किया। जयंत सोनावने ने नदी में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया और जगन्नाथ सोनावने उर्फ गुड्डू ने औरंगाबाद के देवगांव रंगारी में जहर खाया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मराठा क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सरकार पर सांकेतिक दबाव बनाने के लिए औरंगाबाद के गंगापुर में सिर भी मुंडवाए।
आपको बता दें कि कल आरक्षण की मांग को लेकर एक युवक काकासाहब शिंदे ने औरंगाबाद में गोदावरी नदी में कूदकर जान दे थी। जिसके बाद मराठा क्रांति मोर्चा समेत कई संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया। काकासाहब शिंदे की मौत के लिए आंदोलनकारियों ने राज्य की फडणवीस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। आरक्षण की मांग करने वाले एक मराठा नेता ने कहा कि उन्होंने आज पूरे राज्य में बंद का आह्वान किया है और जब तक मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस समुदाय से माफी नहीं मांग लेते यह विरोध जारी रहेगा।
औरंगाबाद के गंगापुर में मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रक और फायर ब्रिगेड की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया और कई गाडिय़ों में तोडफ़ोड़ की। इस दौरान सैंकड़ों की भीड़ आंदोलन का झंडा लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी।
साभार-khaskhabar.com













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