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ओपन हार्ट सर्जरी कर तीन वॉल्व बदले

नयति हॉस्पीटल की चिकित्सकीय टीम के साथ महिला मरीज  मथुरा(केके पाठक)। नयति मेडिसिटी में 30 वर्षीय महिला के हृदय के एक साथ तीन वॉल्व तीन ओपन हार्ट सर्जरी करके बदल दिए गए। इस प्रकार का जटिल ऑपरेशन करने वाला नयति मेडिसिटी इस क्षेत्र का पहला हॉस्पिटल बन गया है, अभी तक इतने बड़े ऑपरेशन के लिए मरीजों को दिल्ली अथवा एनसीआर तक जाना पड़ता था। आगरा निवासी प्रीती के नौ साल पहले सांस फूलने की परेशानी हुई। डॉक्टरों को दिखाने पर पता चला कि उनका एक वॉल्व खराब है जिसे बदलने की आवश्यकता है, लेकिन उन्होंने अपना वॉल्व नहीं बदलवाया और दवाएं खाकर अपना काम चलाती रहीं। कुछ समय पहले उनकी तकलीफ काफी बढ़ गयी, जिसके बाद वह नयति आयीं, जहां कार्डियक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ आदर्श कोप्पुला से मिलीं। डॉ कोप्पुला ने बताया कि मनुष्य के हृदय में चार वॉल्व होते हैं प्रीती की जब जांच की गयी तो पता चला कि इनके तीन वॉल्व ख़राब हैं जिनके बदलने की तुरंत आवश्यकता है। परिवार की सहमति के बाद हमने एक बार में तीन ओपन हार्ट सर्जरी करके तीनों वॉल्व बदल दिए। अब से नौ वर्ष पूर्व इनका एक वॉल्व खराब हुआ था जिसे बदलवा लेना चाहिए था, यदि उसी समय वॉल्व बदल गया होता तो इनके और वॉल्व ख़राब नहीं होते।
इतने बड़े तथा जटिल ऑपरेशन को करने के लिए कई सुविधाओं एवं मशीनों की जरुरत पड़ती है जो नयति में मौजूद है। हमारे यहां ब्लड बैंक के साथ अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी मौजूद है, जिसकी वजह से हमको ऑपरेशन करने में काफी आसानी हुई।
उन्होंने बताया कि अधिकतर महिलाओं में वॉल्व की शिकायत पायी जाती है जो अक्सर डिलीवरी के समय ही पता चलती है, इसलिए जैसे ही वॉल्व के ख़राब होने का पता चले तो तुरंत उसका उचित इलाज करा लेना चाहिए। मरीज प्रीती शर्मा ने कहा कि अब से नौ वर्ष पूर्व डॉक्टरों ने मेरा एक वाल्व खराब बता दिया था लेकिन मन में एक भय था कि यदि ऑपरेशन असफल हो गया तो मेरी छोटी सी बच्ची का क्या होगा। दवाओं के सहारे में अपना काम चला रही थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से मैं ना तो कोई काम कर पा रही थी और ना ही अपनी बच्ची का ध्यान रख पा रही थी। तब हम नयति आये, यहां पर डॉ आदर्श से हमारी बात हुई और हमने यहां अपना ऑपरेशन कराया। अब मुझे कोई परेशानी नहीं है। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ विपिन गोयल एवं डॉ प्रवीर सिन्हा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 

नारद संवाद

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