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आरोप : पुलिस मिली है दबंगों से, सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे आत्महत्या

आरोप : पुलिस मिली है दबंगों से, सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे आत्महत्याबारां। अंता थाने के अंतर्गत गांव चेहड़िया में जनवरी में हुए खूनी संघर्ष के बाद दबंगों के डर से एक परिवार गांव छोड़कर चला गया था। पीड़ित परिवार ने पिछले माह मीडिया के समक्ष आकर अपना दर्द बयान किया तो प्रशासन हरकत में आया और दोनों पक्षों में समझौता कराया गया। पीड़ित का आरोप है कि समझौता हुआ, लेकिन बाद में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो दबंगों ने समझोते से इनकार करते हुए धमकाना शुरू कर दिया और गांव में घुसने पर जान से मारने की धमकी देने लगा। पीड़ित ने इस मामले में सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी है।

जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार ने बारां में मीडिया के सामने अपना दर्द बयान किया था। पीड़ित परिवार के जयपुर निवासी मजहर बैग ने बताया कि मीडिया में बात आने के बाद अंता तहसील के एसडीएम और अंता थाने के डिप्टी और सीआई ने आनन-फानन में गांव के कुछ लोगों को बुलाकर पीड़ित परिवार और गांव के जिम्मेदार ओर खेलदार बिरादरी सांगोद के लोगों को बुलाकर राजीनामा करवा दिया। राजीनामे के बाद पीड़ित परिवार को पुलिस की निगरानी में गांव में छोड़ने की बात कही गई। राजीनामे की खबर अखबारों में छपने के बाद पुलिस ने भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और दूसरे दिन फिर दबंगों ने एलान कर दिया कि कोई राजीनामा नहीं हुआ है और कहा कि बिलाल बैग का परिवार अगर गांव में आया तो गोली मार दी जाएगी। 

मजहर बैग का आरोप है कि उसके बाद कई बार थाने गए सीआई और एसडीएम से मिले और खतों और घरों तक उन्हें छोड़े जाने की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रशासन और दबंगों की मिलीभगत की वजह से हमें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रहा हैं और दूसरे जिले में पनाह लिए हुए हैं। मजहर बैग ने कहा अगर हमें हमारे घरों और खेतों पर 7 दिन में नहीं बसाया गया तो विधानसभा के सामने पूरा परिवार आत्महत्या कर लेगा। इसकी जिम्मेदारी जिला कलेक्टर, जिला एसपी, अंता एसडीएम, डिप्टी और सीआई की होगी।

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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