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जलमग्न हुई तीर्थनगरी, नगर निगम के दावों की खुली पोल

मानसून से पूर्व नहीं हुई नालों की तलीझाड़ सफाई
नालों की सफाई को लेकर मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की जा चुकी है शिकायत 
 
वृंदावन(जहीर आलम)। तीर्थ नगरी वृंदावन में रविवार को हुई हल्की बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल के रख दी। कुछ समय की बारिश ने ही तीर्थनगरी के अधिकतर क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया।
नालों की सफाई न होने के चलते नगर के राधा निवास मथुरा दरवाजा, दाऊ जी मोड, विद्यापीठ चौराहा, रंगजी मंदिर ,आदि क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न नजर आए। सबसे ज्यादा भयावह स्थिति रही राधा निवास व सीएफसी क्षेत्र की रही जहां बारिश के ट्रेलर से ही नगर के नाले हांफने लगे। नतीजतन राधा निवास मथुरा दरवाजा क्षेत्र सहित विभिन स्थानों पर नालों का गंदा पानी सड़को पर हिलोरे मारने लगा। वहीं गंदे पानी से गुजर रहे स्थानीय लोग एवं बाहर से आने वाले श्रद्धालु नगर निगम प्रशासन को कोसते रहे।गौरतलब है कि तीर्थ नगरी वृंदावन का विश्व पटल पर अपना महत्व है। इसी महत्व को देखते हुए केंद्र व राज्य सरकारें यहां के विकास को लेकर काफी चिंतित हैं। समय-समय पर प्रशासन द्वारा विकास का खाका खींच कर तीर्थनगरी को सुंदर रूप देने की कोशिश की जाती है। लेकिन धरातल पर  इन योजनाओ लाने में अधिकारी नाकाम साबित हुए हैं। मानसून से पूर्व नगर निगम के मेयर से लेकर अधिकारीगण  नालों की सफाई करने के दावे भरते रहे। लेकिन उन्हीं दावों को सच्चाई मानसून में हुई कुछ समय की बारिश से हुए जलभराव ने खोल कर रख दी। मथुरा दरवाजा क्षेत्र निवासी माधव श्रीवास्तव का कहना है कि अगर मानसून से पूर्व नालों की सफाई की जाती तो शायद जलभराव की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ता। उन्होंने बताया कि मानसून मैं बारिश से आए दिन उनकी दुकान में पानी भर जाने के कारण खासा नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं पूर्व सभासद सय्यद मुस्तफा आलम ने नालों की सफाई को लेकर पूर्व में कई बार स्थानीय निगम कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके नालों की तली झाड़ सफाई का कार्य नहीं हो सका। नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि शायद नगर निगम बनने के बाद उन्हें कुछ राहत मिलेगी। लेकिन निगम बनने के बाद सामने आई स्थिति से नगर वासियों को निराशा ही हाथ लगी है.

नारद संवाद

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