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वैज्ञानिक तरीके से कैसे करें बकरी पालन

पत्रकारवार्ता में पत्रकारों को जानकारी देते सीआईआरजी के पदाधिकारीगण।

मथुरा(सतपाल सिंह)।  फरह कस्बा स्थित केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सी.आई.आर.जी.) के तत्वावधान में आगामी 12 जुलाई को संस्थान का 39वाँ स्थापना दिवस समारोह तथा किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। इसके साथ इस क्षेत्र के विधायक भी उपस्थित रहेंगे। यह जानकारी संस्थान के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि संस्थान की स्थापना 12 जुलाई, 1979 को हुई थी। संस्थान अपने 38 वर्ष पूरे कर चुका है। 

इस मेले में लगभग 600 किसान भाई-बहन उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश, पंजाब एवं राजस्थान सम्मिलित है। इस मेले में वैज्ञानिक तरीके से कैसे बकरी पालन करें तथा उनके प्रजनन, पोषण, चारे एवं बकरी में विभिन्न प्रकार की होने वाली बीमारियों की रोकथाम की जानकारी दी जाएगी।  इसमें देश के कई राज्यों के प्रगतिशील कृषक और पशुपालक भाग लेंगे।

इस अवसर पर किसान मेले में आयोजक प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम.के. सिंह ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न तकनीक, प्रबन्धन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी देना है, जिससे बकरी पालन का प्रचार-प्रसार हो सके और किसान भाई-बहनों की आमदनी 2022 तक दोगुनी की जा सके। इसके साथ ही किसानों को मानसून केयर किट भी उपलब्ध करायी जाएगी, जिसमें बकरी को बरसात से होने वाली बीमारियों की दवा, मिनरल मिक्चर एवं पठन सामग्री भी होगी। इस मेले में आने वाले किसानों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा, ताकि उनके मोबाइल फोन पर समय-समय पर बकरियों की प्रत्येक मौसम में होने वाले रोगों की जानकारी एवं रोकथाम हो सके। इस मेले में 11 किसानों को जिन्होंने वैज्ञानिक तकनीक को अपनाकर बकरी पालन कर आमदनी को 2 से 3 गुना किया है तथा अन्य ग्रामीणों का सहयोग कर रहे है उन्हें इस मेले में सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही पांच गरीब किसानों को बीजू बकरा/बकरी भी प्रदान की जाएगी। 

डॉ. अशोक कुमार, प्रधान वैज्ञानिक ने कहा कि इस अवसर पर संस्थान द्वारा विकसित की गई तीन हर्बल औषधियों का व्यवसायिक रूप तकनीकी हस्तान्तरण भी होगा, जिसमें मुख्य हर्बल औषधियां हैल्मोकेयर एवं आई.एम.यू. फोर है जो कि ग्याभित बकरी को देने से उसकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है तथा दुध की गुणवत्ता का स्तर भी बढ़ जाता है।    

किसान  मेले में केन्द्रीय सरसों अनुसंधान संस्थान, सेवर, भरतपुर, केन्द्रीय मृदा अनुसंधान संस्थान, आगरा, केन्द्रीय पोषण एवं चारागाह अनुसंधान संस्थान, झांसी, कृषि विज्ञान केन्द्र आगरा, मथुरा, के वैज्ञानिक भाग लेंगे तथा इन सभी संस्थानों द्वारा प्रदर्शनी हेतु मण्डप लगाये जाएँगे।  

पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से डॉ. एम.के. सिंह, डॉ. वी.राजकुमार, डॉ. अशोक कुमार डॉ. एस.पी.सिंह, डॉ. पुरूषोत्तम, डॉ. अनुज कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे। 

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