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मथुरा(सतपाल सिंह)। शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में एसटीएफ एसपी ने अपनी टीम के साथ विगत दिनों से डेरा डाल रखा है। आज एसटीएफ टीम ने नो शिक्षक व तीन लिपिकों सहित 16 लोग पूछताछ के लिए पकड़े है तथा एसटीएफ ने सील किए गए कमरों से कंप्यूटर हार्ड डिस्क सहित संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिये।
विदित रहे प्रदेश में शिक्षा विभाग में 29 हजार 334 व 12 हजार 460 शिक्षक भर्ती घोटाले का फर्जीवाड़ा सामने आने से जहां शहर कोतवाली में बीएसए द्वारा 12 हजार 460 शिक्षक भर्ती घोटाले की एक बाबू सहित 34 शिक्षकों के खिलाफ दो अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शासन द्वारा द्वारा इसकी जांच कराई जा रही है। वहीं 2015-16 में हुई 29 हजार शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच एसटीएफ कर रही है। जहां मथुरा पुलिस पर लगातार यह आरोप लग रहे थे कि इस प्रकरण में पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। एसटीएफ द्वारा तीन चार बार बीएसए कार्यालय में आकर पूछताछ की गई लेकिन अंदर ही अंदर एसटीएफ इस प्रकरण की जड़े खंगालने लगा था।
सोमवार रात्रि एसटीएफ एसपी आलोक प्रियदर्शी अपने सीओ श्याम उपनिरीक्षक मुनेश व एक दर्जन पुलिसकर्मियों के साथ यहां पहुंचे। उन्होंने रात्रि में पुलिस का सहयोग ले मंगलवार को मास्टर माइंड बाबू महेश सहित दो अन्य बाबूओं के साथ दो संविदा कम्प्यूटर आपरेटर राधाकृष्ण व मोहित भारद्वाज उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अन्य दबिशों में बलदेव, नवादा हाइवे कारव सति अन्य स्थानों से नौ शिक्षकों सहित 11 लोगों को पकड़ लिया। इनमें एक महिला शिक्षक भी शामिल है।
एसटीएफ टीम के अनुसार पकड़े गए शिक्षकों में मनोज वर्मा, देवेन्द्र, तेजवीर, योगेन्द्र सिंह, देवकरन, बिंदेश, भूपेन्द्र, मनीष शर्मा व पायल शर्मा शामिल है।
एसटीएफ एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कोतवाली डायट प्रचार्य डां. मुकेश अग्रवाल को भी पूछताछ के लिए बुलाया उनसे घोटाले की जानकारी हासिल की।
वहीं मंगलवार देर सायं एसटीएफ ने बीएसए आफिस में जाकर उस सील कमरे को खोलकर उसमें रखे कम्प्यूटर व हार्डडिस्क व अन्य दस्तावेज अपने कब्जे ले लिये।
इस संबंध एसटीएफ एसपी ने बताया कि वे जल्दी इस प्रकरण का खुलासा करेंगे। वे 29 हजार शिक्षकों की जांच शासन के निर्देश पर कर रहे हैं। इस भर्ती घोटाले के तार मथुरा से ही जुड़े है। जिले में 216 रिक्तस्थान थे उसमें 185 को नियुक्ति हुई जिसमें से 150 शिक्षक फर्जी सामने आए है। इसके अलावा काफी अन्य फर्जी शिक्षक व उनके मददगार सामने आने शेष है।
डायट प्राचार्य के अनुसार इसी जांच निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेन्द्र बहादुर की टीम कर रही है वह कुछ दिन पहले मथुरा आए थे तो उन्हें 30 से 35 फर्जी शिक्षकों ने शपथ पत्र देकर कहा कि उन्हें हथियार के बल पर नौकरी दी गई है, और इसी मामले की जांच की परतें खुली तो उनके उपर भी हमला कराया गया है।













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