BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

तीसरा दोस्त आज पुलिस ने नोएडा से किया गिरफ्तार

एसपी सिटी श्रवण कुमार पत्रकारों को पकड़े गए हत्यारोपियों के बारे में जानकारी देते हुए

मथुरा(जहीर आलम)। नोएडा में की गई हत्या के मामले में आज वृंदावन पुलिस ने तीसरे युवक को भी नोएडा से पकड़ लिया। इस मामले में अब एक अन्य आरोपी फरार चल रहा है, जिसे जल्द ही पकड़ लेने की बात पुलिस लाइन स्थित सभागार में आज दोपहर एसपी सिटी श्रवण कुमार ने कही है। 

पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसपी सिटी श्रवण कुमार ने बताया कि सोमवार देरसायं नोएडा में अपने सगे मामा के लड़के की साथियों के साथ मिलकर हत्या कर उसके टुकड़े करते हुए कैब बैग डाल शव को ठिकाने लगाने विशाल एवं पौरूष यहां वृंदावन आए। लेकिन पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में विशाल पुत्र अरून त्यागी निवासी संजय नगर गाजियाबाद ने बताया कि दीपांशु उर्फ छोटू उसके मामा का लड़का था, वह नोएडा में रहकर पढाई कर रहे थे। दोनेां में किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, उसी विवाद में उसने व साथी पोरूष समाधिया पुत्र सुनील कुमार, मनोज पिल्लाई उर्फ कुद्दू निवासी गण गौतमबुद्ध नगर की मिलकर दीपांशु की हत्या कर दी। आज वृंदावन पुलिस ने तीसरा साथी मनोज पिल्लाई को नोएडा से गिरफ्तार कर मथुरा ले आई। 

प्रेसवार्ता में एसपी सिटी श्रवण कुमार ने बताया कि चैथा साथी इनका फरार है जिसे पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। 

अभियुक्त विशाल के अनुसार डेड बॉडी को फ्लैट पर रखे हुए काफी समय हो गया था। शव को ठिकाने लगाने के लिए हमने योजना बनायी और योजना को अंजाम देने के लिए कैब बुक कर नोएडा से नोएडा एक्सप्रेस वे से वृन्दावन आये और इस्कान मन्दिर के पीछे एमवीटी गेस्ट हाउस वाली गली में होटल में कमरा लेने का विचार कर रहे थे कि वृंदावन पुलिस वाले आ गये। दीपांशु की मौत की खबर से मथुरा पहुंचे परिजन प्रदीप ने बताया कि दीपांशु तीन भाई बहिन है। इसके पिता देवेन्द्र 18 वर्ष पूर्व ही गुजर (स्वर्गवास) हो गया था, उसकी मां राजकुमारी ने बच्चों की जिम्मेदारी को निभाते पढ़ाया लिखाया। दो साल पहले उसकी भाभी राजकुमारी की मौत हो चुकी थी, तो उनके बेटे विशाल के साथ रहता था। मृतक की मां ने दोनों में कोई अंतर नहीं समझा उन्हें पढ़ने के लिए नोएडा भेज दिया। 

रविवार की सायं छह बजे दीपांशु व विशाल ने राजकुमारी से फोन पर भी बात की। उसके बाद ऐसा क्या हुआ यह किसी को नहीं पता। 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More