देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
नई दिल्ली। हाल ही में देश की 4 लोकसभा और 10 विधानसभा उपचुनाव में विपक्षी गठबंधन को मिली सफलता से अब 2019 के लिए नए सियासी समीकरण बनते हुए दिखाई दे रहे हैं। विपक्षी दलों के इस गठबंधन में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को भी संभावनाएं नजर आ रही हैं। फिलहाल दोनों दलों की तरफ से कुछ ऐसे संकेत मिल रहे हैं जिसमें इस बात को बल मिलता है कि 2019 में होने वाले आम चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए दोनों पार्टियां दिल्ली में गठबंधन कर सकती हैं।
वहीं दूसरी और दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने 2019 में लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली की 7 में से 5 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी नियुक्त कर दिया और पश्चिमी दिल्ली और नई दिल्ली सीटों पर आम आदमी पार्टी ने प्रभारी नियुक्त नहीं किया जिससे यह कयास लगाए जाने लगे कि 2019 के चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना तलाशते हुए पार्टी ने यह दो सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी हैं। लेकिन केजरीवाल के एक ट्वीट ने यह साफ कर दिया है कि 2019 में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन हो सकता है।
दरअसल, हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की थी तो आप के पूर्व दिल्ली प्रदेश के संयोजक दिलीप पांडे ने साफ किया था कि कि कांग्रेस के नेता उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। एक खबर के साथ केजरीवाल ने ट्ववीट कर लिखा था, ‘लोग डॉ. मनमोहन सिंह जैसे पढ़े लिखे प्रधानमंत्री को मिस कर रहे हैं। पीएम तो पढ़ा लिखा ही होना चाहिए।’ वहीं आप नेता दिलीप पांडे ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के एक ट्वीट को कोट करते हुए लिखा था, ‘अजय माकन जी! कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता ‘आम आदमी पार्टी’ के संपर्क में हैं, और वे हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में हमारा साथ/सहयोग चाहते हैं, और दिल्ली में हमसे वे एक सीट मांग रहें हैं।’
हालांकि, माकन के ट्वीट पर पांडे द्वारा जो जवाब दिया गया है उससे लगता है कि अभी स्थिति साफ नहीं है। दरअसल इन अटकलों को तब और भी बल मिला जब शुक्रवार आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से सिर्फ पांच के लिए ही अपने प्रभारियों की घोषणा की। ऐसी चर्चाएं हैं कि ये दो सीटें आप ने कांग्रेस के लिए छोड़ दी हैं।
अजय माकन का कहना है कि आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता तेजी से गिर रही है इसलिए वह इस तरह की बात कर रही है। वहीं एक टीवी चैनल से बात करत हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद जयप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आप के साथ इस तरह का गठबंधन संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इतनी पुरानी पार्टी पांच साल पहले आई पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, दिल्ली में लोकसभा की सात सीटों पर एकसाथ चुनाव लडऩे को लेकर आप और कांग्रेस के बीच पिछले महीने बात हुई थी लेकिन तब कांग्रेस ने इससे इंकार कर दिया था।
अखबार के मुताबिक, पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही है और दोनों पार्टियों में पिछले काफी समय से गठबंधन की बातें हो रही हैं, जो सीटों के बंटवारे की लड़ाई की वजह से सामने आ गई है। नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस हरकदम उठाने के लिए तैयार है जबकि कई गठबंधन की स्थिति में कई कांग्रेस नेताओ को अपने राजनीतिक भविष्य पर संकट मंडराता हुआ भी दिखाई दे रहा है।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
75 का सवाल: क्या भाजपा तलाशेगी मोदी का विकल्प ?
अमेरिकी टैरिफ के बीच बोले पीएम मोदी, किसानों और छोटे उद्योगों का कल्याण हमारी 'सर्वोच्च प्राथमिकता'
पीएम मोदी का लंदन में प्रवासी भारतीयों ने किया जोरदार स्वागत, बोले- मैं अभिभूत