देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशांगिक संगठन विश्व संवाद केंद्र ने आज मथुरा में नारद जयंती का आयोजन किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ गणगीत पूर्ण विजय संकल्प हमारा से हुआ, तत्पश्चात आपके कार्यक्रम का हेतु बताते हुए नगर कार्यवाह अजय ने कहा कि यह समारोह केवल सम्मान समारोह ही नहीं है अपितु जिन पत्रकारों ने निर्भीकता से सच्ची पत्रिकारिता की है, संघ विचार परिवार उनके साथ हमेशा खड़ा है ऐसा बताना भी इस कार्यक्रम का एक उद्देश्य है।
पत्रकार बन्धुओं को संबोधित करते हुए क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम् ने विश्व के सर्वप्रथम पत्रकार नारद जी की विशेषता बताते हुए कहा कि नारद जी देवताओं, असुरों एवं मनुष्यों के पास समान रूप से जाते थे उनका किसी एक से ज्यादा स्नेह हो या किसी से बैर हो ऐसा नहीं रहा वे सभी के पास समान रूप से नियमित आते जाते रहते थे एवं सूचनाओं का आदान प्रदान करते थे। नारद जी केवल सूचनाओं का ही आदान प्रदान करते हों ऐसा भी नहीं था समय आने पर उन्होंने भगवान विष्णु को भी श्राप दे दिया था ऐसा तपोबल भी उनके ही पास था। उन्होंने आगे कहा कि पत्रकारिता कोई व्यवसाय नहीं है, यह तो समाजचिन्तन का विषय है, जनता की सकारात्मक अपेक्षाओं को सरकार तक पहुंचाना व सरकार की कार्यप्रणाली को जनता तक पहुंचाना ही पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। समाज के बीच से अच्छे सकारात्मक समाचारों का संकलन, व समाज के बीच में से ही किसी के भी द्वारा किये गए राष्ट्रोन्मुख कार्यों की कहानी भी प्रकाशित करवाना एक अच्छे पत्रकार का द्योतक है। किसी भी नकारात्मक समाचार के प्रभाव को कम करते हुए कैसे लिखना है यह भी एक पत्रकार का ही हुनर है। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी चर्चा करते हुए कहा कि यह भी हमारा मौलिक अधिकार है, पर कहीं इस अधिकार का प्रयोग करते हुए कहीं हम देश की सुरक्षा या सम्मान से तो समझौता नहीं कर रहे इसका भी ख्याल रखना चाहिये।













Related Items
पीएम मोदी ने आरएसएस के संस्थापकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, कहा, 'हमें राष्ट्र सेवा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है'
आरएसएस के अंदर है इस पूरे घटनाक्रम से नाराजगी
आरएसएस के प्राथमिक शिक्षा वर्ग का समापन कार्यक्रम आयोजित