देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। शुक्रवार को एडीएम कानून व्यवस्था कार्यालय में उनके स्टेनों के साथ हुई मारपीट के मामला आज जमकर तूल पकड़ गया जिसके चलते वकीलों द्वारा न्यायालय कार्य बंद करके प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी का घेराव कर ज्ञापन सौंपा, वहीं दूसरी ओर कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने वकीलों के खिलाफ मोर्चा खोल कर कार्यालयों में तालाबंदी कर अनशन प्रारंभ कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं होती तब तक उनका अनशन समाप्त नहीं होगा।
विदित रहे कि शुक्रवार को एडीएम कानून व्यवस्था रमेश चंद्र की कोर्ट में पेशकार बीरवल के साथ कुछ वकीलों द्वारा विवाह हो गया, इस पर एडीएम के स्टेनों संदीप कुमार ने आपत्ति जताई और वकीलों को शांत रहने के लिए कहा। बात ही बात में मामला तूल पकड़ गया। काफी संख्या में वकील वहां पहुंच गए। उनकी संदीप कुमार के साथ मारपीट हो गई। उनके काफी चोटें आई। कोर्ट में दोपहर का समय था वहां उस समय कुछ ही लोग उपस्थित थे। हंगामा देखकर अन्य कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर इलाका पुलिस भी वहां पहुंच गई। पीडित संदीप कुमार द्वारा तीन वकील सुरेश चंद्र शर्मा, हरीश चंद्र भारद्वाज, भूपेन्द्र चैहान सहित 40-50 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट की जानकारी होने पर शनिवार को वकीलों में पुनः आक्रोश व्याप्त हो गया।
वकीलों द्वारा शनिवार सुबह एसएसपी से मुलाकात की गई। एसएसपी ने वकीलों से कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच करके कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद वकीलों ने जलूस डीएम के यहां पहुंचा लेकिन वे नहीं मिले। प्रदर्शन करते हुए वकील एडीएम कार्यालय की तरफ जा रहे थे कि रास्ते में उनको सिटी मजिस्ट्रेट बसंत लाल अग्रवाल की गाड़ी मिल गई। तो उन्होंने उसे रोक लिया। वकीलों ने उनसे वार्ता करके ज्ञापन दिया। वकीलों ने स्टेनों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उसके विरूद्ध कार्यवाही की मांग की। वहीं स्टेनों के साथ हुई मारपीट को लेकर कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ एक जुट हो गया। शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर के सभी कार्यालयों में कर्मचारियों ने ताला बंदी करके वरगद के पेड़ के नीचे अनशन शुरु कर दिया। अनशन कर रहे कर्मचारियों से मिलने एडीएम कानून व्यवस्था रमेश चंद्र, एडीएम वित्त रवीन्द्र कुमार पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने कर्मचारियों से वार्ता की। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना था कि आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही हो, कर्मचारियों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। सभी सरकारी कार्यालयों में सीसी टीवी लगाए जाएं। कर्मचारियो ंने कहा कि अगर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी तो आंदोलन और भी बड़ा होगा। वकील भी आज कार्य से विरक्त रहे।













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