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कर्नाटक के बाद अब चार राज्यों में सियासी हलचल, फिर से दावा ठोकेंगे ये दल

कर्नाटक के बाद अब चार राज्यों में सियासी हलचल, फिर से दावा ठोकेंगे ये दलबेंगलूरु। कर्नाटक चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई बीजेपी को राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने की अनुमति देने के फॉर्मूले पर अब देश के कई राज्यों में विपक्ष सरकार बनाने का दावा ठोकेगा। कर्नाटक में जहां एकसाथ आई कांग्रेस और जेडीएस गवर्नर के इस फैसले का विरोध कर रही हैं वहीं, इसी फॉर्मूले पर बिहार, गोवा के बाद अब पूर्वोत्तर के राज्यों मणिपुर और मेघालय की सियासत भी गरमा गई है। चारों राज्यों में विपक्षी पार्टियां गवर्नर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा ठोकेंगी। 

बिहार चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी आरजेडी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव विधानसभा में अपने विधायकों की परेड करवाएंगे। 

 

इसी तरह गोवा में सबसे बड़े दल के रूप में रही कांग्रेस दावा पेश करने राज्यपाल के पास जाएगी। इतना ही नहीं, मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह और मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने भी अपने-अपने गवर्नर से शुक्रवार को मिलने का समय मांगा है। दरअसल, इन राज्यों में हुए चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी रहने के बाद भी इनकी सरकार नहीं बनी।

 

 

तेजस्वी ने बिहार में भी कर्नाटक की सियासी हलचल की तर्ज पर विधायकों की परेड कराने और धरना देने का फैसला किया है। तेजस्वी ने कहा, हम कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या के विरोध में शुक्रवार को एक दिन के धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा, हमने बिहार के राज्यपाल से बिहार में राज्य सरकार के मुद्दे पर विचार करने को कहा है। 

 

 

कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण बीजेपी ने सरकार तो बना ली लेकिन विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी सरकार को 15 दिन का समय दिया गया है। इन सबके बीच गुरुवार दोपहर तक जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायकों के गायब होने की भी खबरें सामने आ रही हैं। कांग्रेस विधायकों को इगलटन रेजॉर्ट में लाया गया है। 

 

 

78 में से 2 विधायक रेजॉर्ट पहुंचे ही नहीं थे और अब तीसरे विधायक के भी रेजॉर्ट से बाहर जाने की खबर है। बीजेपी कर्नाटक में बहुमत साबित करने से 8 विधायक पीछे हैं। जेडीएस पहले ही बीजेपी पर उसके विधायकों को 100-100 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप लगा चुकी है। 

 

 

ऐसे में कांग्रेस और जेडीएस के सामने बड़ी चुनौती फ्लोर टेस्ट से पहले अपने विधायकों को बचाए रखने की भी है। हालांकि कांग्रेस की तरफ से अभी एक विधायक के ही बागी होने की पुष्टि की गई है। कांग्रेस नेता डी गुंडुराव ने दावा कि विजयनगर के कांग्रेस विधायक आनंद सिंह से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है।

 

 

निर्दलीय विधायक शंकर फिर कांग्रेस-जेडीएस कैंप में लौटे

इसी बीच सूत्रों से पता चला है कि बुधवार को भाजपा को समर्थन देने वाले एक निर्दलीय विधायक फिर से कांग्रेस-जेडीएस कैंप में लौट आए हैं। निर्दलीय विधायक आर शंकर ने कल भाजपा को समर्थन की चिट्ठी दी थी लेकिन बहुमत के लिए बदलते समीकरणों के बीच भाजपा के लिए यहां परेशानी हो सकती है। 

 

इसी बीच डीएमके नेता एम.के.स्टालिन ने कहा कि हम सभी ने देखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु में गवर्नर के कार्यालय का दुरुपयोग कैसे किया। कर्नाटक में भी यही किया गया है। यह पूरी तरह से लोकतंत्र और कानून के शासन के खिलाफ हैं। 

 

 

हम इसकी निंदा करते हैं। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है तब बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान को नष्ट करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर लोकतंत्र पर हमला कर रही है। 

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

 

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