देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
काफी देर तक हुई कर्मचारी नेता एवं नगर निगम की बैठक
मथुरा। सीवर में सफाई के दौरान मीथेन गैस की अत्याधिकता के कारण हुई कर्मचारी की मौत के संबंध में नगर निगम व अधिकारियों व कर्मचारी नेताओं के मध्य हुई मुआवजे को लेकर वार्ता विफल साबित हुई लेकिन बाद में जिला प्रशासन ने उनकी मांगे मान ली। नगर निगम के मृतक के परिजनों को एक लाख रूपए देने के लिए तैयार थे वहीं कर्मचारी नेता इस मांग को लेकर अड़े कि आपदा पीड़ितों की तरह मृतक कर्मचारी के परिवार को पांच लाख रूपए की राहत राशि दी जाए। लेकिन बाद में एडीएम वित्त रवीन्द्र कुमार द्वारा मृतक के परिवार वालों को मुआवजा स्वरूप नगद राशि भेंट की गई।
बुधवार दोपहर बाद नगर निगम कार्यालय में अपर नगर आयुक्त सुशीला अग्रवाल, एसडीएम सदर क्रांति शेखर पार्षद हेमंत अग्रवाल, राजेश सिंह पिंटू और कर्मचारी नेताओं की उपस्थिति में मृतक सफाई कर्मचारी को सहायता देने के सबंध में वार्ता हुई। जिसमें अपर नगर आयुक्त मृतक के परिजनों को एक लाख रूपए की सहायता राशि व सीवर कर्मियों को मौत पर मिलने वाली 10 लाख रूपए और मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि दिलाने की अलावा उसके दो आश्रितों को डूडा में मृतक का रजिस्टेªशन था उसी तरह की नौकरी दिलाने का भी वायदा किया। इसके अलावा जब भी नगर निगम में भर्तियां खुलंेगी तो भाई या पत्नी को नौकरी देने की बात की थी लेकिन कर्मचारी नेता इस पर राजी नहीं हुए। वे चाहते थे कि आपदा पीड़ितों की तरह उन्हें भी पांच लाख का मुआवजा दिलवाया जाए। इस अपर नगर आयुक्त ने कहा कि यह हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है फिर भी हम इसकी मांग डीएम से कर सकते है। इसके अलावा सीएम राहत कोष से भी मुआवजा दिलाने के लिए कार्यवाही करेंगे। लेकिन बाद में डीएम की संस्तुति पर एडीएम वित्त एवं राजस्व रवीन्द्र कुमार अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतक परिवार को नगर तीन लाख रूपए तथा दो लाख बाद में देने की बात की। वार्ता के समय कांगे्रस नेता वीनेश सनवाल, डा. एसपी सिंह, विक्रम बाल्मीकि आदि मौजूद थे।













Related Items
दिलीप कुमार को पुण्यतिथि पर याद कर भावुक हुए धर्मेंद्र, बोले, 'वो कहीं आस-पास हैं'
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने दर्ज किया मामला
अमित कुमार कॉलेज अध्यक्ष एवं बांके बिहारी बने कॉलेज मंत्री