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दो दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो दर्जनों गांवों के ग्रामीण एकजुट होकर करेंगे प्रदर्शन
खराब मौसम बरबाद कर सकता है किसानों के गेंहू को
गोवर्धन। ग्राम पैंठा में बीस दिन से गेंहू क्रय केन्द्र पर खरीद बंद किये जाने से किसान आक्रोशित हो गये। एकजुट हुए ग्रामीणों ने ग्राम पैंठा के समीप सौंख मार्ग पर कंटीली झाड़िया डालकर जाम लगा दिया। जाम के कारण वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने बमुश्किल समझाकर जाम को खुलवाया। किसानों ने दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर खरीद शुरू नहीं की गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। ताज्जुब की बात यह है कि किसानों की मेहनत के गेंहू की खरीद पर सचिव गैर जिम्मेदार बयान दिया गया। किसानों ने सचिव पर तुलाई के नाम पर रिश्वत का भी आरोप लगाया है। ग्राम पैंठा में सहकारी समिति बछगांव के अंतर्गत गेंहू क्रय केन्द्र खोला गया है। इस केन्द्र पर ग्राम पैंठा, डोमपुरा, नगला खुटिया, महमदपुर, नगला अक्खा, कोंथरा, सेरा, सवला, उम्मेद की नगरिया आदि गांवों के किसानों के गेंहू खरीदे जाने थे। इस केन्द्र पर शुरूआत में ठीक-ठाक खरीददारी की गई लेकिन करीब बीस दिन से चालीस किसानों के गेंहू खरीद के इंतजार पर खुले में पड़े हैं लेकिन तुलाई नहीं की जा रही है। मौसम खराब होने से किसान चिंतित हैं और बरसात आने की स्थिति में मेहनत पर पानी फिर सकता है। कई दिन से गेंहू की तुलाई का इंतजार कर रहे किसानों का सोमवार को धैर्य जबाव दे गया। गुस्साये किसानों ने सड़क पर कंटीली झाड़िया डालकर जाम लगा दिया। किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। सरकार को किसान विरोधी बताया। प्रशासन ने समय रहते तुलाई कराई तो किसान गोवर्धन तहसील का घेराब करेंगे। जाम की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक संसार सिंह राठी पैंठा पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
ग्रामीणों ने सचिव पर लगाया रिश्वत का आरोप
गेंहू क्रय केन्द्र पर भारी अनियमितताओं के चलते ग्रामीणों ने सचिव पर रिश्वत का आरोप लगाया है । ग्रामीणों का कहना है कि प्रति कुंटल के हिसाब से अलग से रिश्वत कर्मचारियों द्वारा सचिव के नाम पर ली जाती है। किसानों के साथ गलत व्यवहार किया जाता है। किसान गिरधर, ओमप्रकाश, खेमा, रामेश्वर, बालकिशन, जवाहर, सुभाष, दुर्गा, लक्ष्मण, बनवारी, टैटी, बन्नो, भगवान दास, बिजेन्द्र, विष्णु, सन्नो, कलुआ, पूरन, लौकेश, दीनदयाल, डब्बू, बिरजो आदि थे।
वहीं दूसरी ओर गेंहू क्रय केन्द्र के सचिव हरदेव ने कहा है कि जब गेंहू खरीदने के बाद सरकारी गेंहू खुले में पड़ा है उसका ही इंतजाम ही नहीं है तो किसानों के गेंहू को खरीदकर क्या किया जा













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