देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। यमुना शुद्धिकरण की मांग को लेकर शिवसेना द्वारा विगत 18 अप्रैल से जिलाधिकारी कार्यालय के निकट क्रमिक अनशन चल रहा है, परन्तु शासन-प्रशासन द्वारा उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला। ऐसा प्रतीत होता है कि शासन-प्रशासन गहरी नींद सोया हुआ है।
जिला प्रमुख मनीष भारद्वाज ने मासूम बच्चियों के साथ हो रहे दुष्कर्म, दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे अपराध पर चिन्ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज देश में पांच माह की बच्ची भी सुरक्षित नहीं है। एटा जिले में चार दिनों में दो मासूमों को दुष्कर्म के बाद मार डाला गया। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर में महज पांच माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद मार दिया गया। देश की बच्चियां सुरक्षित नहीं है। देश की कानून व्यवस्था ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन को जगाने के लिए शिव सेना और भवानी सेना मिलकर आन्दोलन और प्रदर्शन करेंगी। मीडिया प्रभारी रमेश पुजारी ने कहा कि क्रमिक अनशन को चार दिन हो गए हैं, जिसे लेकर रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि नगर निगमध्जिला प्रशासन ने यदि शीघ्र ही इस ओर ध्यान नहीं दिया तो 23 अप्रैल को यमुना में गिर रहे नाले-नालियों को शिवसैनिक अपने हाथों से टेप करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिसकी जिम्मेदारी नगर निगम और जिला प्रशासन की होगी। इस अवसर पर अयोध्या क्रांतिकारी सुरेश बघेल, ब्रज बल्ल, मुकेश कुंतल, मुकेश रावत, हरी मोहन, वेद प्रकाश, सुनैना गुप्ता, आभा शर्मा, अनीता सिंह, घनश्यामदास, राहुल शर्मा, घनश्याम मिश्रा, सुनील सिंह, कुंज बिहारी शर्मा आदि थे।













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