देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। बहुचर्चित भोलेश्वर उर्फ भोले बाबा हत्याकांड में शामिल तीन सगे भाइयों राकेश उर्फ रंगा, मुकेश उर्फ बिल्ला व नीरज को एडीजे तृतीय अमरपाल सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है।
शहर के चोबियापाड़ा क्षेत्र स्थित रतनकुण्ड सोने का कलसा के निकट 21 दिसम्बर 2012 की दोपहर भोलेश्वर उर्फ भोले बावा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बड़े भाई तुलसीदास उर्फ तोले बावा ने बालस्वरूप उसके पुत्र मुकेश उर्फ बिल्ला, राकेश उर्फ रंगा व नीरज के अलावा विजय उर्फ मउंआ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बालस्वरूप की जेल में मौत हो गई और विजय की हत्या कर दी गई। पुलिस ने रंगा-बिल्ला व नीरज के खिलाफ अरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय अमरपाल सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने रंगा, बिल्ला व नीरज को भोले बावा की हत्या का दोषी ठहराते हुए मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा और एक एक लाख रुपये का अर्थदण्ड लगाया है। अर्थदण्ड अदा नहीं करने की दशा में तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास और भुगतना होगा। शासन की ओर से इस मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता नन्दकुमार तिवारी के अलावा अधिवक्ता संतोष शर्मा व रमाकांत भारद्वाज द्वारा की गई।
विदित रहे कि भोलबाबा की हत्या 21 दिसम्बर 2012 को घर से बुला कर गोली मार दी गई थी। जिसमें पांच आरोपी थी बालस्वरूप चतुर्वेदी एवं विजय चतुर्वेदी पुत्रगण कृष्ण गोपाल चतुर्वेदी, नीरज उर्फ चीनी व मुकेश उर्फ बिल्ला तथा राकेश उर्फ रंगा पुत्रगण बालस्वरूप निवासी रतनकुंड सोने का गलश चैबियापाड़ा थाना कोतवाली मथुरा को आरोपी बनाया गया था। 21 दिसम्बर 2012 को रतन कुंड पर अपने मकान के चबूतरे पर तुलसीदास उर्फ तोलेबाबा और उनके पुत्र कुलदीप ठंडाई छानने बैठे थे। इसी समय तोले बाबा के भाई भूलेश्वर पुत्र वासुदेश चतुर्वेदी निवासी गजापाइसा उनके पास पहुंचे तभी गोली मारकर भोलेश्वर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। तोले बाबा ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी। इस हत्याकांड के करीब डेढ़ साल बाद तोले बाबा की इसी मुकदमे में गवाही देने जाते समय सहकारी बैंक डैम्पीयर नगर के पास इन्हीं लोगों के द्वारा हत्या कर दी गई थी। राकेश उर्फ रंगा पर कोतवाली मथुरा तथा अन्य शहरों में 17 मामले दर्ज हैं, नीरज के खिलाफ 9 तथा मुकेश के खिलाफ सात मामले दर्ज हैं।
भोले हत्याकांड की पैरवी को कोर्ट जाते समय तोले बाबा को डैम्पीयर नगर स्थित सहकारी बैंक के पास गोली मार दी गई थी। गोली लगने के बाद तोले बाबा अस्पताल जाने की बजाय हलुलुआ मोटरसाइकिल खुद चलाते हुए सीधे एसएसपी आॅफिस पहुंय गया था। 15 मई 2017 को कोयलावाली गली होलीगेट पर हुए सरार्फ डबल मर्डर और लूट कांड में भी रंगा, बिल्ला और नीरज आरोपी हैं। इस घटना में लूट के दौरान दो युवा सरार्फ करोबारियों की हत्या कर दी गई थी। यहा मामला लखनऊ तक गूंजा था और खुद मुख्यमंत्री ने इस कांड पर प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। रंगा बिल्ला गैंग शहर में खौफ का पर्याय बना हुआ है। व्यापारी इस तरह की शिकायत भी करते रहे हैं कि उन्हें रंगा, बिल्ला उन्हें जेल भी धमकियां दे रहे हैं। मुकेश उर्फ बिल्ला को न्यायालय ने तीन साल के कठौर कारावास और पांच हजार रुपये के अतिरिक्त अर्थदण्ड से भी डंडित किया है। यह सजा भी इसके साथ साथ चलेगी। आजीवन कारावास की सजा पाये तीनों अपराधी सगे भाई हैं, जबकि इनके पिता बालस्वरूप की इसी केस में जेल में मौत हो चुकी है। जबकि इनके चैथे भाई विजय की हत्या कर दी गई थी।













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