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वृंदावन। मथुरा वृन्दावन नगर निगम द्वारा गृह कर, जल कर, के साथ स्वकर मूल्यांकन प्रणाली के विरोध में आज अध्यात्म रक्षा मंच के बैनर तले नगरवासियों ने नगर निगम के वृन्दावन जोन कार्यालय में कर अधीक्षक आशुतोष गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से नगर वासियों ने मांग की है कि वृन्दावन प्राचीन वन संस्कृति पर आधारित बना हुआ नगर है। यहां सप्त देवालयों की संपत्ति पर भी लोग निवास करते हैं यह महानगर या बड़े शहरों की तर्ज पर बना हुआ नगर निगम नहीं है ऐसी स्थिति में अत्यधिक कर वृद्धि लगाना पूर्णता अनुचित है।
साथ ही मांग की है कि पूर्व में नगर पालिका परिषद द्वारा प्रत्येक 5 वर्ष में 25 प्रतिशत कर बढ़ोतरी की जाती थी। क्योंकि अब नगर निगम हो गया है तो अब 30 प्रतिशत कर वृद्धि करने का प्रयास करें। आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने कहा कि नगर निगम बनने के बाद अलग-अलग स्क्वायर फीट के हिसाब से कर निर्धारण करना अनुचित है। उन्होने कहा कि श्री धाम वृंदावन देवनगरी है यहां सब ठाकुर जी की सेवा अर्चना कर जीवन यापन करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम बनने के बाद विकास तो कुछ हुआ नहीं है लेकिन नगर वासियों पर कर का बोझ बढ़ा दिया गया है। ज्ञापन के माध्यम से कर को कम करने की मांग की है। ज्ञापन देने पहुंचे मंच के पदाधिकारियों को अधिकारी आशुतोष गुप्ता ने आस्वस्त करते हुए समस्या को नगर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
इस अवसर पर पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, आचार्य रामविलास चतुर्वेदी, रामबाबू शर्मा, श्यामसुंदर दुबे, देवेंद्र शर्मा, दुर्गेश शमार्, बालकृष्ण शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, राधा बल्लभ शर्मा, अतुल कृष्ण गोस्वामी, भगवत शरण गौतम, रोहित शमा, आलोक बंसल, भगवान दास, मयंक शर्मा आदि मौजूद रहे।













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