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झूलेलाल जन्मोत्सव को लेकर
मथुरा। स्वामी लीलाशाह महाराज की जयंती और भगवान झूलेलाल जन्मोत्सव के मध्य सिंधी उत्सव की अद्भूद झलक मंगलवार को गोवर्धन मार्ग स्थित कृष्णा आर्चिड में दिखी, जिसमें पहली बार ‘‘आयोलाल-झूलेलाल‘‘ का उद्घोष और सिंधी समाज की प्रसिद्ध डंडेशाही की खनक से स्थानीय निवासी खासे रोमांचित हुए।
सिंधी जनरल पंचायत के तत्वावधान में, कृष्णा आर्चिड के सिंधी संगठन के सौजन्य से यह आयोजन हुआ, इसमें सिंधी कलाकार चंद्रकांत लालवानी के भजनों की धूम रही, जिससे हर कोई झूम उठा। सिंधी गीतों की ध्वनि वातावरण भक्तिमय कर रही थी। बच्चें और महिलाए हर्षित हो नाचते दिखे। इसमें बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।
सर्वप्रथम सिंधी पंडित मोहनलाल महाराज ने विधिविधान के साथ लालसाई की अमर ज्योत प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की, तदोपरांत ‘‘अमर ज्योत‘‘ की झांकी के साथ सिंधी युवक और युवतियां डंडेशाही का प्रदर्शन करते हुए कृष्णा आर्चिड कालौनी के हर मार्ग से भ्रमण करते हुए निकले। स्थान-स्थान पर अमर ज्योत यात्रा का स्थानीय सिंधी परिवारों ने स्वागत व पूजा-अर्चन किया, इसमें अन्य स्थानीय निवासियों ने भी भरपुर उत्साह दिखाया और पुष्प वर्षा कर ‘‘लालसाई की अमर ज्योत‘‘ को नमन किया।
मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी ने बताया कि भारत की प्राचीन सिन्धु सभ्यता ‘‘मोहन जोदड़ों‘‘ की सांस्कृतिक विरासत को समेटे सिंधी समाज ‘‘जल व प्रज्जवलित ज्योत‘‘ को वरूणावतार भगवान झूलेलाल के प्रतीक के रूप में मानता हैं और ‘‘अमर ज्योत‘‘ की पूजा-अर्चना करके अपने इष्टदेव वरूणावतार भगवान झूलेलाल का स्मरण करता हैं। झूलेलाल जी को ही अमरलाल और लालसाई कहा जाता हैं।
पंचायत अध्यक्ष नारायण दास लखवानी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज की एकता और अखंडता कायम रहती हैं और सबको सेवा का अवसर मिलता हैं। उपाध्यक्ष रामचंद खत्री ने बताया कि सिंधी जनरल पंचायत द्वारा गतदिवस लीलाशाह जयंती मनायी गयी और 30 युवाओं द्वारा रक्तदान भी किया गया, और अब 19 मार्च को झूलेलाल जन्मोत्सव चेटीचंड पर्व नगर में धूमधाम से मनाया जायेगा, जिसका आगाज मंगलवार को इस कार्यक्रम से हो गया हैं। संचालन किशोर इसरानी ने किया। कृष्णा आर्चिड के सिंधी संगठन के संयोजक अशोक अंदानी, रमेश नाथानी, गिरधारी नाथानी, रमेश केवलानी, कमल देवनानी, धनराज नाथनी, जोनी अंकल, अशोक डाबरा, सतीश मंगलानी, नंदलाल गंगवानी, मनू मंगलानी आदि ने सभी का स्वागत किया। इसमें नारायणदास लखवानी, रामचंद खत्री, बसंत मंगलानी, तुलसीदास गंगवानी, जीवतराम चंदानी, किशनचंद भाटिया, सुदामा खत्री, जितेंद्र लालवानी, किशोर इसरानी, सुनील पंजवानी, भगवानदास बेबू , सुरेश मेठवानी, लीलाराम लखवानी, सुरेश मनसुखानी, गोविंद चंदानी, ओमी आदि शामिल थे।













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