देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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रंगभरनी एकादशी पर संतरंगी अबीर-गुलाल से पटा जन्मभूमि परिसर
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सोमवार देरसायं रंगभरनी एकादशी के पर्व पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भी लठठामार होली का आयोजन किया गया। पूरा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन चप्पे चप्पे पर नजर रखे हुआ था, डीएम और एसएसपी ने स्वयं पहुंचकर इस लठ्ठामार होली को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराया।
सोमवार श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर दोपहर बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने किया। मंच पर भक्तों ने जहाॅ पहलें राधा-कृष्ण व ग्वालवालों के साथ फूलों की होली का आनन्द लिया। इसके अलावा मंच पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये। वहीं सांय होली खेलने के लिए बरसाना से बुलाई गई-गोपी गोपिकाओं की प्रशिक्षण टीम स्थान के लीला मंच पर उपस्थित प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर आरती उतारी तथा मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर सायं पांच बजे लठठामारी होली शुरू कर दी। उर्जा मंत्री ने मंच पर ढोल बजाकर होली के गीत गाये उसके बाद होली गीत मे ढप के साथ झूम उठे । इस होली महोत्सव मे बडी संख्या मे लोगो ने बढ चढकर भाग लिया । हौज पाइपो से टेसू के रंगो से होली पर्व अपने पूरे यौवन पर पहुॅच गया । इसके बाद उर्जा मंत्री श्रीकांत षर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मे होली खेलकर उन्हे बहुत ही सुखद आनन्द की अनुभूति हो रही है उन्होने कहा कि ब्रज की होली को अन्तराष्टर््ीय स्तर का दर्जा दिलाये जाने के लिये केन्द्र एवं प्रदेश सरकार काम कर रही है जब उनसे ब्रज के के अन्य क्षेत्रो के अलावा मथुरा नगरी को धार्मिक स्थल घोषित न किये जाने के बारे मे पूछे जाने पर उन्होने कहा कि राधाकुड नंन्द गाॅव गोवर्धन गोकुल और बरसाने के बाद मथुरा नगरी को भी तीर्थ स्थल घोषित किया जायेगा । लठामार होली से पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ हुई जिसमें कलाकारों ने मयूर नृत्य, चुरकुला नृत्य व फूलों की होली के मनमोहन कार्यक्रम प्रस्तुत किये जिसे देख उपस्थित जन समूह भाव विभोर हो गया। कलाकारों की प्रस्तुति ओर राधाकृष्ण के युगल स्वरूप पर हुई फूलों की होली का अनूठा भाव देख हर कोई वाह-वाह कर उठा। रंगारंग कार्यक्रमों की श्रृंखला के बीच मंच से स्वचलित यंत्रों से रंग बिरंगे गुलाल व पुष्प पंखुडियों की वर्षा हुई तो पण्डाल में सतरंगी छठा नजर आने लगी। हर कोई इस नजारे से भाव विभोर हो गया। जिसे देखकर लाखों की संख्या में आये श्रद्धालुओं ने लठामार होली का आनन्द ले रहे थे। जैसे जैसे हुरियारे हुरियारानों पर रंग डालते हुरियारिनें लाठियां ग्वालों पर मारने लगती। यह नजारा देख ऐसा लग रहा था जैसे स्वयं राधाकृष्ण आकर साक्षात होली खेल रहे हो। एक ओर जहाॅ लठठामार होली का आनन्द आ रहा था वहीं दूसरी ओर आकाश में गुलाल गुलाल ही उड़ा नजर आ रहा था। वहीं भक्ैतगण भी एक दूसरो पर गुलाल वर्षा कर होली की मस्ती का आनन्द ले रहे थे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लठठामार होली को देखने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किये गये थे। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी स्वप्निल ममगाई स्वयं उपस्थित रहकर सुरक्षा की हर स्थिति का जायजा ले रहे थे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान व आसपास के क्षेत्र में चप्पे चप्पे पर पुलिसबल तैनात था। प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए सजग नजर आ रहा था।













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