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राजकीय बाल शिशु गृह से एक किशोर शातिराना अंदाज से हुआ फरार
मथुरा : जिलाधिकारी आवास से चंद कदमों की दूरी पर स्थित राजकीय बाल शिशु गृह से एक किशोर दिनदहाडे भागने में सफल रहा | किशोर के भागने की जानकारी होने के बाद बाल शिशु गृह में हडकम्प मच गया | सूचना पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने भागे किशोर को काफी तलाश किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी | जानकारी के अनुसार 14 वर्षीय रीतिक पुत्र राकेश निवासी गली नंबर चार आजाद नगर, शाहदरा पुरानी दिल्ली विगत 14 जनवरी को लावारिस हालत में घूमता हुआ मिलने पर उसे जीआरपी पुलिस ने जंक्शन से पकड़ा था | इसके बाद जीआरपी पुलिस ने इसकी सूचना चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी के अधिकारियों को दी तो वहां से राजकीय बाल शिशु गृह में किशोर को भेजने केे आदेश किए थे | उसी समय से किशोर राजकीय शिशु गृह में था | बीते शनिवार को उस समय राजकीय शिशु बाल गृह में हडकम्प मच गया, जब किशोर रीतिक किसी की नजर नहीं आया | जब शिशु गृह के कर्मचारी अंदर गये तो पता चला कि रीतिक शिशु गृह के अंदर लगे पेड पर चढकर पीछे की ओर पीडब्लूडी के गोदाम में कूदने के बाद भागने में सफल हुआ है | शिशु गृह के अधिकारी और कर्मचारी इस बात को कई घंटे दबाकर भागे किशोर की तलाश करते रहे लेकिन जब वह नहीं मिला | इसके सूचना सदर पुलिस को दी गई | सूचना मिलते प्रभारी निरीक्षक संतोष त्यागी मौके पर पहुंच गये और वहां निरीक्षण करने के बाद भागे हुए किशोर की काफी तलाश की लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं लगा | इस संबंध में जब राजकीय बाल शिशु गृह की अधीक्षका श्रीमती बीना से बात की वह दो दिन की छुट्टी पर बाहर हैं, उन्होंने बताया कि किशोर रीतिक को सीडब्लूसी के आदेश पर केवल दो दिन के शिशु गृह भेजा गया था, उनका तो यह भी कहना है कि शिशु गृह में अधिकतम 11 साल तक के बच्चों को रखा जाता है, बताया कि विशेष परिस्थिति में सीडब्लूसी के आदेश पर 11 साल से अधिक उम्र के बालक को महज एक या दो दिन के लिए तो रखा जा सकता है लेकिन इससे अधिक दिन नहीं रख सकते | उनका यह भी कहना था कि भागे किशोर रीतिक को दो दिन बाद सीडब्लूसी को कहीं और रखने की व्यवस्था करनी थी, लेकिन वहां से कुछ नहीं किया गया | इसी का नतीजा यह रहा कि किशोर वहां से भागने में सफल रहा | इस संबंध में बाल शिशु गृह के कार्यवाहक अध्यक्ष भूवनेश कुमार ने सदर पुलिस को तहरीर दी है |













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