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पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा
मथुरा। थाना सदर बाजार क्षेत्र अंतर्गत गांव औरंगाबाद के किसान पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को गोकुल बैराज स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मचारियों को बाहर कर ताला लगाने के लिए पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ किसानों की नोकझोंक हुई उसके बाद पुलिस ने किसानों ने पथराव कर दिया। जिससे चार पुलिसकर्मी घायल हो गए वहीं पुलिस ने पांच उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है।
अपनी मुआवजे आदि की मांगों को लेकर पिछले करीब 2 माह से आंदोलनरत औरंगाबाद के ग्रामीणों ने शुक्रवार को गोकुल बैराज जलकल कार्यालय पर हंगामा काटा। आंदोलनकारी ग्रामीणों ने वाटर वर्क्स से होने वाली मथुरा, वृंदावन और रिपफाइनरी की पेयजल आपूर्ति बंद कर उसके गेट पर ताला जड़ दिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आंदोलनकारी महिला पुरुषों को समझाने बुझाने का काफी प्रयास किया। लेकिन वह नहीं माने और अपनी 4 सूत्रीय मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि गोकुल बैराज के निर्माण के लिए उनकी जो जमीन ली गई थी, उसका मुआवजा उन्हें आज तक नहीं मिला है जबकि करीब दो दशक होने को आ गए हैं। इसलिए पहली मांग उनकी मुआवजे की है, दूसरी जिनकी जमीनें गई हैं, उनमें से प्रत्येक परिवार के एक एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की है और तीसरी मांग उनकी जो भूमि काम में नहीं आ रही है, उसे वापस किए जाने की है और चैथी मांग यह है कि जो भूमि होने उन्हें पट्टे पर मिली थी, उसका भी मुआवजा उन्हें दिया जाए। जब पुलिस द्वारा समझाए बुझाए जाने पर भी रोषित किसान नहीं माने तो पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी समझाया। लेकिन वह नहीं माने और अपनी मांगें पूर्ण किए जाने पर अड़े रहे। आखिरकार जलकल कार्यालय पर ताला जड़कर हो हल्ला कर रहे महिला पुरुषों को हल्का-फुल्का लाठी चार्ज कर खदेड़ा गया। जब उन्हें खदेड़ा गया तो उन्होंने भी पुलिस पर हल्का-फुल्का पथराव कर दिया। इस दौरान आंदोलनकारियों में से 7 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिनके नाम श्याम, पूरन, दिनेश, गोकुलेश और राजेश आदि बताए गए हैं। यह भी बताया गया है कि पथराव से कुछ पुलिसकर्मियों को भी हल्की-फुल्की चोटें आई हैं। फिलहाल गोकुल बैराज पर शांति है। पुलिस तैनात है और आंदोलनकारी वहां से चले गए हैं क्योंकि उनके औरंगाबाद गांव में एक महिला की डैथ भी हो गई है।













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