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वृन्दावन के बुध बाजार में नाबालिग चोरों का बोलबाला

वृन्दावन में बस स्टेण्ड के समीप लगने वाला बुधबाजार का नजारा महिलाओं के लिये लगने वाले बुध बाजार में सुरक्षा के नहीं इंतजाम

वृन्दावन। मथुरा में लगने वाले मंगल बाजार की तर्ज पर वृंदावन में भी राधा निवास स्थित हैजा अस्पताल के समीप विशाल बुध बाजार लगता है। यहां खरीदारी करने को आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलायें खरीदारी करने को आती हैं। नगर से भी अच्छी खासी संख्य में महिलायें व युवतियां सब्जी, कपडे, इत्यादि के साथ रोज मर्रा में आने वाले जरूरत के सामान की खरीदारी करते हैं।  इतने बड़े बाजार में उमड़ने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा को ना तो नगर निगम की तरफ से इन्तजाम किया गया है। और नाही पुलिस की तरफ से कोई खास व्यवस्था की जाती है। यदा कदा जाम लगने पर पुलिस कर्मी खाना पूर्ति कर अपने कार्य की इतिश्री मात्र करते हैं। जिस कारण महिलाओं को तो खासी परेशानी होती ही है साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त रहती है। यहां पुलिस की गैर मौजूदगी में छेड़खानी व झगड़े की छिट पुट घटनाएं आम है। ट्रैफिक व्यवस्था का हाल तो इतना बुरा है कि अगर आपको अंबेडकर पार्क चैराहे से गुजरना है तो सोच समझकर ही निकलना होगा। बाजार में उमड़ने वाली भीड़ के कारण और मौके पर पुलिस के मौजूद ना रहने से हालात विकराल बन जाते हैं। इतना ही नहीं बाजार में पुलिस की लापरवाही का नाबालिग जेब कतरे जमकर फायदा उठाते हैं। 

12 से 16 वर्ष की उम्र के यह नाबालिग चोर बाजार में मौका लगते ही खरीदारी करने आये लोगांे के मोबाईल व जेब पर हाथ साफ कर जाते हैं। कभी कभार पकड़े जाने पर इन नाबालिग चोरों की पिटाई कर बच्चा समझकर छोड़ दिया जाता है। पिछले बुधवार को भी बाजार में दुकान पर खरीदार करने आया पानीघाट निवासी राजेश तिवारी का जेब में रख मोबाईल पार कर दिया। इतना ही नहीं बाजार मे ंछेड़खानी व झगड़ा होना आम बात है। जब तक पीड़ित पुलिस को सूचना देता तब तक आरोपी भाग खड़े होते हैं। पूर्व में कोतवाली प्रभारी रहे उदयवीर ंिसंह मलिक के द्वारा बुध बाजार के लिये चार सिपाहियों की तैनाती की जाती थी। लेकिन उनके स्थांतरण होने के बाद वह व्यवस्था भी बदल गयी। सवाल यह उठता है कि एक ओर जहां सूबे की योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के दावे भरती है। वहीं खासकर महिलाओं के लिये लगने वाले बुध बाजार में पुलिस की स्थाई व्यवस्था क्यों नहीं है।  

 

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