देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
कारागार दीवार से गिरकर एक बन्दी का टूटा पैर
साल की शुरुआत में ही कारागार प्रशासन की हुई किरकिरी
जेल प्रशासन में मचा रहा हड़कम्पः डीआईजी जेल ने चार बन्दीरक्षक किए निलंबित
मथुरा। नया साल तो जिला कारागार में निरुद्ध 3 विचाराधीन बंदियों ने मनाया, जो नव वर्ष के लगते ही रविवार की आधी रात में बैरक तोड़कर फरार हो गए । फरार षातिरों के साथ एक अन्य बंदी ने भी भागने के प्रयास में घायल हो गया,दीवार से गिरकर उसका पैर टूट गया। बंदियों के फरार होने की सूचना मिलते ही डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी सोमवार दोपहर मथुरा जिला कारागार पहुंच गए और घटना की प्रारंभिक जांच के दौरान एक प्रधान बंदीरक्षक सोनवीर सिंह, बैरक प्रभारी अभयराम, दीवार की गश्त पर तैनात बंदीरक्षक विजय सिंह और गश्त निरीक्षक बंदीरक्षक हरेन्द्र कुमार को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार भागे बंदियों के नाम कलुआ उर्फ षेरा निवासी वृंदावन, संजय निवासी अछेनरा,आगरा और राहुल निवासी जलेसर जिला एटा हैं। इनमें से कलुआ किशोरपुरा वृंदावन का रहने वाला है, जिसे वृंदावन पुलिस ने 7 मई 2017 को मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेजा था. दूसरा भागा बंदी संजय अछनेरा आगरा का रहने वाला है, जिसे फरह पुलिस ने लूट की धारा 393 और 411 आदि के तहत 29 अगस्त 2015 को गिरफ्तार करके जेल भेजा था जबकि तीसरे फरार बंदी राहुल हथौड़ा जलेसर को थाना बलदेव पुलिस द्वारा 20 मई 2016 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था,उस पर गैंगस्टर आदि के 5 मुकदमे हैं। फरार चारों बंदी 18 से 21 वर्ष की आयु वाले बंदियों की बैरक नंबर 17 में निरुद्ध थे। फरार षातिर बंदी राहुल,कालू उर्फ षेरा,सजंय और अछनेरा निवासी दूसरे राहुल ने पहले तो बैरक पर पड़ी सीमेंट की चादर को उसके हुक निकालने के बाद वहां से बाहर आए और उसके बाद करीब 18 फुट ऊंची दीवार को पार करने के लिए षातिरों ने एक लम्बे बांस के आगे घुमावदार सरिया बांधकर उसका आंकड़ा दीवार में फंसा दिया,इसके बाद कालू उर्फ षेरा,राहुल और संजय दीवार से लटक कर नीचे कूदने के बाद फरार हो गए,जबकि चैथ बंदी राहुल निवासी ग्वालियर 18 फुट की दीवार पर चढते समय जेल के अंदर ही गिर गया,जिससे उसका पैर टूट गया। उसी दौरान गश्त को चेक करने वाला बंदीरक्षक हरेन्द्र वहां तो उसने घायल पड़े राहुल से मौके पर ही पूछताछ की तो तीन बंदियों को कारागार से भागने की जानकारी होते ही उसने कारागार अलर्ट करने का अलार्म बजा दिया,इसके बाद कारागार प्रषासन में हड़कम्प मच गया। जेल अधीक्षक षैलेन्द्र कुमार मैत्रेय ने कारागार के बंदी रक्षकों को साथ लेकर फरार बंदियों को पकड़ने के लिए काफी भाग-दौड़ की लेकिन रात्रि के समय कोहरा अधिक होने से वह फरार बंदियों का सुराग नहीं लगा सके। इस संबध में जेल अधीक्षक षैलेन्द्र मैत्रेय ने जानकारी देते हुए बताया कि बंदी रात्रि करीब 1ः30 बजे से 1ः50 बजे के बीच कारागार से फरार हुए हैं। उनका कहना था कि इसकी सूचना उन्हें 1ः56 बजे मिल गई। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित करते हुए स्वयं अपने फोर्स के साथ जवाहर बाग आदि स्थानों पर दौड़ भाग कर फरार बंदियों को तलाषा लेकिन रात्रि में कोहरा अधिक होने के कारण उनका कहीं सुराग नहीं लग सका। वहीं इस संबध में डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने डीएलए से बातचीत के दौरान बंदियों के भागने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जेल प्रशासन द्वारा अपनी ओर से पूरी ऐहतियात बरती जा रही थी, क्योंकि जिस बैरक से बंदी भागे हैं, उस बैरक में ही एक अन्य बंदी बबलू चिकना निवासी आगरा भी बन्ह था,कहा कि बंदी बबलू आत्महत्या की प्रवृत्ति वाला है,उसकी सघन निगरानी के निर्देश दिए गए थे,बैरक पर निगरानी करने वाले बंदी रक्षक को प्रत्येक 30 मिनट में बैरक की रिपोर्ट जेल अधीक्षक को देने के निर्देष थे लेकिन बैरक प्रभारी अभयराम ने लापरवाही बरती,जिससे बंदियों के भागने का पता समय से नहीं लग सका। उनका कहना था कि यदि निर्देशों का सही ढंग से पालन किया गया होता तो यह घटना कदापि न होती. इसलिए फिलहाल उक्त चारों जेल सुरक्षा कर्मियों को लापरवाही का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है,उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच अभी जारी है,इसमें और जो भी कर्मचारी दोशी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई तय है। घटना की रिपोर्ट थाना सदर बाजार पुलिस द्वारा दर्ज कर ली गई है। जानकारों के मुताबिक पुलिस और विभागीय जांच के अलावा इस घटना की अभी दो जांचें और होंगी, जिनमें से एक न्यायिक और दूसरी मजिस्ट्रियल जांच होगी. न्यायिक जांच जनपद न्यायाधीश के आदेश से और मजिस्ट्रियल जांच जिलाधिकारी के आदेश से होगी।
कारागार से पहले भी भाग चुके है बंदीःहो चुकी हैं संगीन घटना
मथुरा। जिला कारागार से बंदियों के भागने की यह कोई पहली घटना नहीं है। वर्श 2010 में भी इसी प्रकार कारागार से 4 बंदी भाग चुके हैं। इसके अलावा वर्श 2014 में कारागार के अंदर ही राजेश टोटा जैसे बदमाशों की गैंगवार भी हो चुकी है और उससे पहले जेल के अंदर कई बंदियों की विशाक्त सेवन करने से मौत हो चुकी है।













Related Items
जिला कारागार में बंदियों की कलाई पर ब्रह्मकुमारी बहनों ने बांधी राखी
MATHURA : जिला कारागार में किया वृक्षारोपण
कारागार में जन्मे कन्हाई, गोकुल नंदघर बाजत बधाई